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सीआरएस की रिपोर्ट आने के बाद भी इलेक्ट्रिक इंजन से नहीं चल रही ट्रेन

हिन्दुस्तान टीम,भागलपुरNewswrap
Thu, 09 Dec 2021 04:02 AM
सीआरएस की रिपोर्ट आने के बाद भी इलेक्ट्रिक इंजन से नहीं चल रही ट्रेन

भागलपुर, वरीय संवाददाता

भागलपुर-दुमका रेलखंड पर विद्युतीकरण को सीआरएस की हरी झंडी मिलने के बाद भी इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों का परिचालन शुरू नहीं हुआ है। इस रेलखंड पर विद्युतीकरण होने के बाद छह अक्टूबर को सीआरएस का निरीक्षण हुआ था। पिछले महीने इसकी रिपोर्ट भी आ गई। रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन चलाने की अनुमति दे दी गई है। डीआरएम ने कहा था कि इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन परिचालन के लिए जोनल मुख्यालय से अनुमति ली जाएगी, लेकिन लगभग एक माह होने को है अभी तक जोनल मुख्यालय से इस बारे में कोई दिशा निर्देश नहीं आया है।

भागलपुर-दुमका रेलखंड पर सबसे पहले कविगुरु एक्सप्रेस में इलेक्ट्रिक इंजन लगाने की बात कही गई थी। यह ट्रेन जमालपुर से भागलपुर, मंदारहिल, दुमका होते हुए हावड़ा तक जाती है। इस रेलखंड पर हमसफर एक्सप्रेस, भागलपुर-रांची एक्सप्रेस भी चलती है। अभी इन ट्रेनों में भागलपुर में इंजन बदलनी पड़ती है। इसमें 30 से 40 मिनट का समय लग जाता है। अगर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन का परिचालन शुरू होगा तो भागलपुर से दुमका या हसडीहा जाने वाली ट्रेनों में इंजन बदलने का झंझट नहीं रहेगा। अगर गोड्डा जाने वाली वाली ट्रेनों में इंजन बदलना भी पड़ेगा तो इसके लिए हसडीहा विकल्प हो सकता है। भागलपुर-दुमका रेलखंड के विद्युतीकरण में लगभग 350 करोड़ रुपये खर्च किये गए हैं, लेकिन इसका इस्तेमाल नहीं हो रहा है। इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन परिचालन शुरू होने के बाद डीएमयू की जगह ईएमयू ट्रेन का परिचालन हो सकता है। साथ ही भागलपुर से हावड़ा, दुमका, रामपुरहाट सहित अन्य जगहों पर जाने वाली मालगाड़ियों का परिचालन भी इलेक्ट्रिक इंजन से हो सकेगा। इससे रेलवे का काफी राजस्व बचेगा।

पावर सबस्टेशन बनाने की भी बात:

रेलकर्मियों का कहना है कि विद्युतीकरण का काम पूरा जरूर हो गया है, लेकिन अभी कुछ काम करना है। इसीलिए जोनल मुख्यालय से इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेन परिचालन की अनुमति नहीं मिल रही है। इसके लिए सबौर या दुमका में 33 केवीए का पावर सबस्टेशन बनाने की बात हो रही है। पावर सबस्टेशन बनने के बाद ट्रेन परिचालन सुगम हो जाएगा।

सीआरएस की रिपोर्ट कंडीशनल है। रिपोर्ट में अतिरिक्त सबस्टेशन बनाने की बात कही गई है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। इसके बाद इलेक्ट्रिक ईंजन से ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा।

यतेन्द्र कुमार, डीआरएम मालदा रेलमंडल

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