
हॉस्टल से अवैध कब्जा हटाने में टालमटोल से भड़का विद्यार्थी परिषद
नेताओं ने कहा कि विवि प्रशासन अवैध लोगों को बचा रही है इसके विरुद्ध चरणबद्ध
भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। टीएमबीयू के विभिन्न हॉस्टलों में सौ से ज्यादा लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। चुनाव से पूर्व ही उन्हें हटाने के लिए लोकभवन से निर्देश के बाद जिला प्रशासन से मदद मांगते हुए पत्र दिया गया। इसके बाद जिला प्रशासन ने मजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनाती कर दी, लेकिन विवि प्रशासन के आज-कल वाली स्थिति के कारण अब तक कार्रवाई नहीं हुई है। इसको लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद भड़क गया है। अभाविप नेताओं ने कहा कि विवि प्रशासन अवैध लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है, लेकिन वे लोग इसके लिए चरणबद्ध आंदोलन के साथ लोकभवन को भी इस गड़बड़ी से अवगत कराएंगे।
प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडे एवं राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हैप्पी आनंद ने कहा कि विवि से पूर्व में ही उन लोगों ने मुख्य तीन मांगे की थी, जिसमें विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाए, समय पर अंक पत्र, प्रोविजनल एवं मूल प्रमाण-पत्र जारी किए जाएं। साथ ही हॉस्टल में अवैध कब्जों की पहचान कर कार्रवाई की जाए। दोनों नेताओं ने कहा कि इन्हीं मांगों को रखने का परिणाम था कि झूठे मुकदमे में जेल भेजा गया, लेकिन यदि ये मांगे पूरी नहीं होती हैं तो फिर से वे लोग चरणबद्ध आंदोलन की शुरुआत करेंगे। अभाविप ने पुलिस पर भी एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। नेताओं का कहना है कि एसआई द्वारा अभाविप के लोगों को टारगेट कर धमकाया जा रहा है। साथ ही जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। दरअसल, 25 सितंबर को विवि में हुई झड़प की घटना के बाद उक्त दोनों नेताओं को जेल भेजा गया था। गुरुवार को 71 दिनों बाद दोनों जेल से जमानत पर बाहर निकले। इस दौरान शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा (सेंट्रल जेल) से निकलने के बाद कुणाल और हैप्पी का अभाविप के काफी संख्या में कार्यकर्ताओं ने जोरशोर से स्वागत किया।

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