
विवि कार्यों से असंतुष्ट छोटे मामलों की लोकभवन जा रही शिकायत
भागलपुर विवि के छात्र और पूर्व शिक्षक असंतुष्ट हैं, जिससे वे अपनी समस्याएं लोकभवन को भेज रहे हैं। शिकायतों में परीक्षा विभाग की समस्याएं, जैसे माइग्रेशन सर्टिफिकेट और पेंडिंग रिजल्ट शामिल हैं। विवि ने नोडल अधिकारियों को नियुक्त किया है, लेकिन छात्रों का कहना है कि उनकी समस्याएं उचित समय पर हल नहीं हो रही हैं।
भागलपुर, कार्यालय संवाददाता तिलकामांझी भागलपुर विवि (टीएमबीयू) के कार्यों से विद्यार्थी, पूर्व शिक्षक सहित अन्य लोग असंतुष्ट हो रहे हैं। यही वजह है कि वे लोग अपनी छोटी-छोटी समस्याओं की शिकायत लोकभवन को पहुंचा रहे हैं। उनकी शिकायतों पर विवि में संज्ञान नहीं लिए जाने की वजह से वे लोकभवन को इंसाफ की गुहार लगाते हुए मेल या अन्य माध्यमों से अपना शिकायत पत्र भेजते हैं। इसको लेकर लोकभवन द्वारा समय-समय पर विवि के कुलपति से रिपोर्ट मांगी जाती है। इसके निष्पादन के लिए विशेष निर्देश कुलपति की तरफ से दिए गए हैं। लोकभवन में जो छोटी शिकायतें जा रही है, उसमें परीक्षा विभाग के माइग्रेशन सर्टिफिकेट, ओरिजिनल सर्टिफिकेट, संशोधित अंक पत्र, पेंडिंग रिजल्ट दुरुस्त नहीं करने, कॉलेज और पीजी विभागों की व्यवस्था दुरूस्त करने, सिलेबस का अनुपालन नहीं करने, सत्र नियमित करने सहित अन्य मांग शामिल हैं।
इसके अलावा पेंशनरों के अलावा विभिन्न सेवानिवृत कर्मियों के सेवांत लाभ से जुड़े काफी संख्या में मामलों की शिकायत लोकभवन को जाती है। इन मामलों के निपटारे के लिए विवि की तरफ से नोडल अधिकारी अधिकृत किए गए हैं, जो मामले में हुई कार्रवाई से लोकभवन को अवगत कराएंगे। इस संबंध में विवि के एक अधिकारी ने बताया कि कई पेंडिंग रिजल्ट काफी पुराने हैं, जिनकी उत्तर पुस्तिका बिक चुकी है। साथ ही कई लोगों की ऐसी डिमांड होती है, जिसे अलग-अलग कमेटियों द्वारा रद्द किया जाता है। उनके मामले में लोकभवन को समय-समय पर रिपोर्ट दी जाती है, लेकिन फिर भी वे लोग लोकभवन और लोक शिकायत निवारण कोषांग में शिकायत करते हैं। अधिकारी का दावा है कि विद्यार्थियों की जो मांग होती है, उसे प्राथमिकता के आधार पर परीक्षा विभाग सहित अन्य स्थानों पर सुना जाता है, लेकिन विद्यार्थियों की शिकायत है कि वे लोग एक ही काम के लिए जब कई बार विवि का चक्कर लगाते हैं तो उन्हें लोकभवन में शिकायत करनी होती है। कोट : विवि स्तर पर विद्यार्थियों से लेकर कर्मियों के मामले को सुना जाता है, साथ ही उनके कार्यों को पूरा करने का प्रयास होता है। लोकभवन को की गई शिकायतों को भी प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाता है। डॉ. रामाशीष पूर्वे, कुलसचिव टीएमबीयू

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