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बूढ़ानाथ के संपा घोष हत्याकांड में तीन शूटर दोषी करार

बूढ़ानाथ के संपा घोष हत्याकांड के तीन शूटरों को कोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई के बाद दोषी पाया। दोषी अभियुक्तों को चार जून को सजा सुनाई जाएगी। एडीजे (सात) विनय कुमार मिश्रा के कोर्ट में स्पीडी ट्रायल के तहत मामले की सुनवाई चल रही है। डेढ़ साल पहले कोचिंग संचालक वीरेश्वर घोष की पत्नी संपा घोष की सरेशाम घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आदमपुर थाना क्षेत्र के बूढ़ानाथ स्थित मथुरा घोष लेन में 22 अक्टूबर, 2016 की शाम वीरेश्वर घोष और संपा घोष घर के बरामदा पर बैठकर चाय पी रहे थे। इसी दौरान शाम करीब 6:30 बजे दरवाजे का कुंडी खोलकर दो नकाबपोश बदमाश घर में घुस गए और दो बदमाश बाहर रेकी करने लगे। घर घुसते ही दोनों बदमाशों ने वीरेश्वर घोष को कुर्सी से ढकेलकर नीचे गिरा दिया और संपा घोष को गोली मार दी। घटना के बाद दोनों बदमाश घर से भागने लगे और वीरेश्वर घोष पीछा करते हुए हल्ला कर रहे थे। इस दौरान मोहल्ले के लोगों ने एक शूटर को पकड़ लिया, जबकि तीन शूटर भागने में सफल हो गए। पकड़ा गया शूटर रिकेश यादव मधुसूदनपुर थाने के भतौड़िया गांव का रहने वाला है। उसने स्वीकार किया था कि मोजाहिदपुर थाने के मिरजानहाट क्लबगंज मोहल्ले के काजू दास को किसी ने हत्या की सुपारी दी थी। पुलिस जांच के दौरान बूढ़ानाथ मोहल्ले के प्रेमलता लेन के अमित कुमार सिन्हा भी पकड़ा गया। कोर्ट ने दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद तीनों को धारा 302 और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी पाया। भू-माफिया के इशारे पर कराई गई थी हत्याघर पर इंग्लिश का कोचिंग चलाने वाले वीरेश्वर घोष ने दर्ज एफआईआर में कहा है कि भू-माफिया ने जमीन हड़पने के लिए पत्नी की हत्या करवा दी है। वीरेश्वर घोष को कोई औलाद नहीं है और बूढ़ानाथ के पास करीब छह कट्ठे का बड़ा भूखंड है। कुछ लोगों ने वीरेश्वर घोष को जमीन बेचने के लिए दबाव दिया था, लेकिन सख्त स्वभाव की संपा घोष ने जमीन बेचने से साफ इंकार कर दिया। पुलिस जांच का हाल है कि हत्या में शामिल शूटर पकड़ा गया, लेकिन घटना के डेढ़ साल बाद भी पुलिस भू-माफिया पर हाथ नहीं डाल सकी है। भू-माफिया को बचाने के लिए पुलिस आधे-अधूरे जांच कर केस पेंडिग में डाल दिया है।

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  • Web Title:Three shooter convicts in the Sampa Ghosh massacre of Burdwanath (401)