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एनएच को मोटरेबल के नाम हो रही है खानापूर्ति, लगातार हालात हो रहे खराब

एनएच को मोटरेबल के नाम हो रही है खानापूर्ति, लगातार हालात हो रहे खराब

रविवार दोपहर दो बजे मौसम साफ होने के बावजूद जीरोमाइल से इंजीनियरिंग कॉलेज के बीच एनएच 80 पर मोटरेबल का काम नहीं हो रहा था। जगह-जगह पर फंसे ट्रक के चालक कहीं जेसीबी की मदद से तो कहीं अन्य तरीके से गड्ढे को समतल कर रहे थे।

स्थानीय लोगों ने बताया कि मोटरेबल बनाने के नाम पर कभी आधा टेलर तो कभी एक टेलर ईंट-पत्थर डाल दिया जाता है। विभाग के अधिकारी अगर एक भी दिन पर्याप्त मात्रा में जगह-जगह पर पत्थर और डस्ट डलवाएं तो लोगों की परेशानी कम हो सकती है, लेकिन ठेकेदार रिपयेरिंग कर अपना पिंड छुड़ाना चाहते हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, मुख्यालय से मोटरेबल बनाने के लिए अलग से फंड नहीं है। ठेकेदार प्रशासनिक अधिकारियों की डांट-फटकार सुनने के बाद हल्का-फुलका काम कराकर निकल लेते हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि विभाग जिस नीयत और रफ्तार से काम कर रहा है। बरसात में राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। इस बारे में कार्यपालक अभियंता राजकुमार से संपर्क किया गया। उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।

कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

सबौर रोड में एनएच पर बड़े-बड़े गड्ढों के कारण कभी भी बड़े हादसे हो सकते हैं। गड्ढे के कारण वाहन कभी दाईं तो कभी बाईं तरफ झुककर फंस रहे हैं। सड़क की स्थिति को देखते हुए ट्रक की चपेट में ऑटो, बाइकसवार या अन्य वाहन पर सवार लोग आ सकते हैं। सबसे बड़ा सवाल है कि हादसे के लिए कौन दोषी होगा। विभाग के अभिकर्ता और अभियंता या जिला प्रशासन के आला अधिकारी।

पानी के निकासी की नहीं है व्यवस्था

बारिश के बाद निकासी नहीं होने के कारण घरों का गंदा पानी सबौर में सीधे एनएच 80 पर आ रहा है। इससे एनएच की स्थिति खराब हो रही है। एनएच के अधिकारी स्थानीय प्रशासन पर दबाव नहीं बना पा रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय निकाय के माध्यम से जलनिकासी की व्यवस्था जमीन पर नहीं दिख रही है।

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  • Web Title:The motorbike work was not done even when the weather was clear