Hindi NewsBihar NewsBhagalpur NewsThe Growing Importance of Physiotherapy A Cure Beyond Medication
फिजियोथेरेपी से हो रहा दर्द का इलाज

फिजियोथेरेपी से हो रहा दर्द का इलाज

संक्षेप:

फिजियोथेरेपी दिवस सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस, मांसपेशियों में दर्द जैसी बीमारी में फिजियोथेरेपी कारगर थेरेपी से

Mon, 8 Sep 2025 04:50 AMNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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भागलपुर, वरीय संवाददाता हर मर्ज का इलाज दवा नहीं होता है। कुछ ऐसे दर्द या यूं कह लें बीमारियां हैं, जिनका इलाज फिजियोथेरेपी है। सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस, मांसपेशियों में दर्द ऐसी बीमारी है, जिसमें दवा खाने से कुछ देर तक तो दर्द खत्म हो जाता है, लेकिन दवा का असर खत्म होते ही ये मर्ज और बढ़कर बेतहाशा दर्द देने लगता है। ऐसे ही मर्ज का इलाज के रूप में विकसित हुआ है फिजियोथेरेपी। इस थेरेपी से न केवल ऐसे दर्द बिना दवा लिए हमेशा के लिए खत्म होते हैं, बल्कि बीमारी भी तब तक दोबारा नहीं लौटती है, जब तक कि हम फिर से गलत शैली न अपना लें।

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इस पद्धति यानी फिजियोथेरेपी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 8 सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया जाता है। इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट भागलपुर के कन्वेनर डॉ. प्रणव कुमार कहते हैं कि फिजियोथेरेपी यानी शरीर की मांसपेशियों, जोड़ों, हड्डियों और नसों के दर्द या तकलीफ वाले हिस्से की वैज्ञानिक तरीके से आधुनिक मशीनों, एक्सरसाइज, मोबिलाइजेशन और टेपिंग के जरिये इलाज करना होता है। कई परेशानियों के बाद फिजियोथेरेपी से राहत डॉ. प्रणव ने बताया कि लकवा मारने के बाद इलाज के साथ शरीर के अंग सही ढंग से काम करे, इसके लिए फिजियोथेरेपी की जाती है। सर्वाइकल स्पांडिलाइटिस, गलत तरीके से बैठकर काम करने से पीठ व कमर में होने वाले दर्द, बड़े स्मार्टफोन को लंबे समय तक पकड़ने से अंगुलियों-बाजू में होने वाली झनझनाहट का इलाज भी फिजियोथेरेपी पद्धति से की जा रही है। साल 2020 में कोरोना संक्रमण के बाद जब ऑनलाइन काम करने वालों की संख्या बढ़ी तो स्मार्टफोन व लैपटॉप पर काम करने वालों की संख्या में करीब 225 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई। वहीं बच्चे भी ऑनलाइन कोचिंग करने लगे। जिसकी वजह से कमर दर्द, गर्दन, कोहनी व अंगुलियों के दर्द वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई। बकौल डॉ. प्रणव, अगर सही शुरुआती दर्द होने के साथ ही फिजियोथेरेपी कराते हुए फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह पर अमल करते हुए नियमित एक्सरसाइज व बैठने व काम करने के तरीके में तब्दीली लाई जाये तो इन समस्या को जड़ से मिटाया जा सकता है। पांच साल में तीन गुने बढ़े फिजियोथेरेपी कराने वाले मायागंज अस्पताल के पीएमआर विभाग के आंकड़े बताते हैं कि बीते पांच साल में यहां पर फिजियोथेरेपी कराने वालों की संख्या तीन गुनी तक बढ़ी है। साल 2019 में जहां 25 से 30 मरीज फिजियोथेरेपी कराने के लिए रोजाना आते थे, वह आज की तारीख में बढ़कर 75 से 80 मरीज रोजाना तक पहुंच गई है। पीएमआर विभाग के अध्यक्ष डॉ. मणिभूषण बताते हैं कि हड्डी रोग विभाग के मरीजों का फिजियोथेरेपी किया जाता है। यहां पर न केवल कमर, गर्दन, हाथ व पैर की समस्या को लेकर फिजियोथेरेपी किया जाता है। बल्कि फ्रैक्चर के बाद लगाये गये प्लास्टर को हटाने के बाद जकड़े मांसपेशियों को तोड़ने, क्लब फुट के शिकार बच्चों के पैर सीधा भी फिजियोथेरेपी के जरिए किया जाता है।