12 वर्ष बाद पदोन्नति नहीं मिलने पर जताई नाराजगी
बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ की बैठक मंगलवार को मध्य विद्यालय सतरवार में आयोजित की गई। बैठक में शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया, वेतन वृद्धि और शिक्षा विभाग की समस्याओं पर चर्चा की गई। शिक्षकों ने विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जल्द समाधान की मांग की। यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो आंदोलन की चेतावनी दी गई।

महिषी से प्रदीप कुमार की रिपोर्ट बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ महिषी की बैठक मंगलवार को मध्य विद्यालय सतरवार में प्रखंड अध्यक्ष प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में नियोजित शिक्षकों की प्रोन्नति प्रक्रिया शुरू करने, वेतन वृद्धि तथा शिक्षा विभाग में व्याप्त समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। शिक्षकों ने विभागीय लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए जल्द समाधान की मांग की। बैठक के मुख्य अतिथि संघ के जिला अध्यक्ष सह राज्य सचिव निरंजन कुमार ने कहा कि शिक्षक नियोजन नियमावली 2012 एवं 2020 के तहत नियोजित शिक्षकों को 12 वर्ष की सेवा पूरी होने के बाद कालबद्ध प्रोन्नति देने का स्पष्ट प्रावधान है।
इसके बावजूद शिक्षकों को पदोन्नति से वंचित रखा जाना विभागीय अधिकारियों की लापरवाही को दर्शाता है। उन्होंने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और अव्यवस्था के कारण शिक्षक लगातार परेशान हैं। वेतन, एरियर भुगतान, चिकित्सा अवकाश, मातृत्व अवकाश, अध्ययन अवकाश, शिशु देखभाल अवकाश और असाधारण अवकाश स्वीकृति में गड़बड़ी की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। इसमें प्रखंड और जिला स्तर के कार्यालयों में पदस्थापित कर्मियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड अध्यक्ष संजय कुमार सुमन ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पहले जिन शिक्षकों को प्रोन्नति के साथ बढ़ा हुआ वेतन मिल रहा था, उसे विभाग ने अचानक रोक दिया है, जिससे हर माह पांच से छह हजार रुपये का नुकसान हो रहा है। बैठक में कई शिक्षक नेता उपस्थित रहे।
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