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कल से होगा सर्वे

गामीण क्षेत्रों में जर्जर तारों को बदलने की प्रक्रिया एक जून से शुरू होगा। पहले सर्वे होगा, जिसमें एक माह का समय लगेगा। इसके बाद बिजली का तार बदलने का काम शुरू हो जायेगा।

अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि इस पर 88.87 करोड़ रुपये की लागत आयेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र के 1967.88 सर्किट किलोमीटर(सीकेएम) तार बदला जायेगा। इसमें 33 केवी लाइन 94.5 सीकेएम, 11 केवी लाइन सीकेएम व 579.9 सीकेएम एलटी लाइन शामिल हैं। परियोजना मेसर्स लेजर पॉवर एंड इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड को मिला है। कंपनी की ओर से शहर में कैंप कार्यालय खोला जा चुका है। इंजीनियर और टेक्नीकल स्टॉफ पहुंच गये हैं। अधीक्षण अभियंता एसपी सिंह ने बताया कि काम शुरू होने से पहले सभी लाइनों का पोल-टू पोल सर्वे होगा। सर्वे मोबाइल एप के माध्यम से होगी। सर्वे और काम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। जरूरत के हिसाब से तार बदलने, नया पोल लगाने सहित अन्य आवश्यक काम होगा।

दिनभर काम के बाद शाम में आपूर्ति बहाल की जाएगी

एक साथ ज्यादा से ज्यादा लोगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़े, इसके लिए फीडर से जुड़े एक-एक इलाके में बिजली बंद कर तार बदला जायेगा। दिन में कटौती ली जायेगी। दिनभर काम के बाद शाम में फिर से आपूर्ति बहाल की जायेगी।

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  • Web Title:Survey to change shabby wire in rural areas tomorrow