फार्मर रजिस्ट्री अभियान में सुपौल प्रदेश में टॉप पर

Newswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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सुपौल जिला फार्मर रजिस्ट्री अभियान में राज्य में पहले स्थान पर है। 13 मई को जारी रिपोर्ट के अनुसार, सुपौल में 624 फार्मर रजिस्ट्री और 959 ई-केवाईसी दर्ज किए गए। किसानों के डिजिटल डाटाबेस के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है, जिससे उन्हें कृषि योजनाओं का लाभ पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।

फार्मर रजिस्ट्री अभियान में सुपौल प्रदेश में टॉप पर

सुपौल से रवि की रिपोर्ट राज्य सरकार की ओर से चलाए जा रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान में सुपौल जिला लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। 13 मई को जारी विभागीय रिपोर्ट के अनुसार सुपौल जिले में 624 फार्मर रजिस्ट्री (एफआर) और 959 ई-केवाईसी दर्ज किए गए। इसी के साथ जिला राज्य में पहले स्थान पर पहुंच गया। ई-केवाईसी के मामले में सुपौल ने वैशाली, पश्चिम चंपारण और औरंगाबाद जैसे जिलों को पीछे छोड़ दिया। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से अभियान चलाया जा रहा है। फार्मर रजिस्ट्री पूरी होने के बाद किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी तरीके से मिल सकेगा।

इसके तहत किसानों का आधार सत्यापन, भूमि का विवरण और बैंक संबंधी जानकारी ऑनलाइन दर्ज की जा रही है। जिले में अभियान को सफल बनाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाए जा रहे हैं। किसानों की सुविधा के लिए 31 मई तक लगातार शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां किसानों की फार्मर आईडी बनाई जाएगी। विभाग का कहना है कि जिन किसानों का रजिस्ट्रेशन नहीं होगा, उन्हें भविष्य में योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी हो सकती है। विशेष अभियान के दूसरे दिन डीडीसी सारा अशरफ, एडीएम सच्चिदानंद सुमन सहित कई वरीय अधिकारियों ने फील्ड विजिट किया और एफआई कैंप पहुंचकर समीक्षा की। डीएओ पप्पू कुमार ने बताया कि जिले में 2 लाख 72 हजार 352 एफआर का लक्ष्य है। इसके विरूद्ध गुरुवार दोपहर बाद साढ़े 3 बजे तक 1 लाख 53 हजार 180 एफआर हुआ जो लक्ष्य का 56.2 प्रतिशत उपलब्धि है। विशेष अभियान में कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार, विकास मित्र, एटीएम, बीटीएम, पीआरएस, सर्वे अमीन, कर्मचारी और पंचायत स्तर के कर्मियों को लगाया गया है। जिले में विशेष अभियान के तहत 1152 कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। सभी प्रखंडों में प्रतिदिन प्रगति की समीक्षा हो रही है। जिला प्रशासन और कृषि विभाग स्तर से अभियान की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि लक्ष्य समय पर पूरा हो सके। राज्य स्तरीय रिपोर्ट में सुपौल के प्रदर्शन को लेकर विभागीय अधिकारियों ने संतोष जताया है। वहीं अन्य जिलों को भी अभियान में तेजी लाने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे अपने नजदीकी शिविर में पहुंचकर जल्द से जल्द फार्मर रजिस्ट्री और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करा लें। राज्यभर में चल रहे फार्मर रजिस्ट्री अभियान में गुरुवार को मुजफ्फरपुर और सुपौल का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। दोपहर 3:30 बजे तक जारी रिपोर्ट के अनुसार फार्मर रजिस्ट्री (एफआर) में मुजफ्फरपुर 958 प्रविष्टियों के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि ई-केवाईसी में सुपौल ने 1275 प्रविष्टियों के साथ राज्य में शीर्ष स्थान हासिल किया। रिपोर्ट के मुताबिक पूर्णिया 737 एफआर और 848 ई-केवाईसी के साथ दोनों श्रेणियों में टॉप-3 जिलों में शामिल रहा। वैशाली, कटिहार, औरंगाबाद, पटना, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण ने भी अभियान में बेहतर प्रगति दर्ज की। गुरुवार दोपहर बाद 3:30 बजे तक राज्यभर में कुल 11855 फार्मर रजिस्ट्री और 15804 ई-केवाईसी किए गए। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार किसानों का डिजिटल डाटाबेस तैयार करने के उद्देश्य से अभियान को तेजी से चलाया जा रहा है। पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर किसानों का पंजीकरण और ई-केवाईसी कराया जा रहा है। एफआर में टॉप-10 जिलों में मुजफ्फरपुर, सुपौल, पूर्णिया, वैशाली, कटिहार, औरंगाबाद, पटना, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और गया शामिल रहे। वहीं ई-केवाईसी में सुपौल के बाद मुजफ्फरपुर, औरंगाबाद, कटिहार और पूर्णिया का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा। दूसरी ओर कुछ जिलों में अभियान की रफ्तार धीमी दिखी। रिपोर्ट के अनुसार खगड़िया सबसे नीचे रहा, जहां केवल 24 एफआर और 33 ई-केवाईसी दर्ज किए गए। शेखपुरा, लखीसराय, अरवल और बेगूसराय का प्रदर्शन भी अपेक्षाकृत कमजोर रहा।

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