एडीएम से मांगा गया नमामि गंगे घाट स्थित स्थल का राजस्व
सुल्तानगंज नगर परिषद ने नमामि गंगे घाट के लिए जिला प्रशासन से राजस्व मांगा है। परिषद का कहना है कि यह एक स्वायत्त संस्था है, और इसके पास सीमित संसाधन हैं। श्रावणी मेला के दौरान घाट की सजावट, आवासन, साफ-सफाई, बिजली और पेयजल की व्यवस्था नगर परिषद द्वारा की जाती है।

भागलपुर, मुख्य संवाददाता। सुल्तानगंज नगर परिषद ने जिला प्रशासन से नमामि गंगे घाट स्थित स्थल का राजस्व मांगा है। राजस्व हस्तांतरित करने के सबंध में नप के कार्यपालक पदाधिकारी ने अपर समाहर्त्ता (राजस्व) को पत्र दिया है। नगर परिषद का कहना है कि वह स्वायत्त संस्था है, जिसका राजस्व संग्रहण का संसाधन सीमित है। बिहार नगरपालिका अधिनियम की कई धाराओं के अनुसार कर संग्रहण में वृद्धि का भी विभागीय निर्देश भी है। नगर परिषद ने कहा कि क्षेत्रान्तर्गत स्थित नमामि गंगे घाट राजस्व का स्त्रोत है। जिसकी बन्दोबस्ती विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला में अंचल कार्यालय सुल्तानगंज द्वारा की जाती है। श्रावणी मेला में नगर परिषद्, सुल्तानगंज द्वारा उक्त स्थल की सम्पूर्ण सजावट, श्रद्धालुओं के लिए आवासन, साफ-सफाई, बिजली, पेयजल आदि की व्यवस्था एवं उसमें होने व्यय की पूर्ति नगर परिषद, सुल्तानगंज द्वारा किया जाता है।
एडीएम राजस्व से अनुरोध किया गया है कि नमामि गंगे घाट स्थल का राजस्व संग्रहण कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की जाय। ताकि विभागीय राजस्व संग्रहण में वृद्धि की जा सके।
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