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मान्यता के लिए कानून हाथ में नहीं लें छात्र

डीआईजी विकास वैभव ने गुरुवार को मिलने पहुंचे टीएनबी लॉ कॉलेज के छात्रों को कहा कि उनकी समस्या विश्वविद्यालय और राजभवन से जुड़ी हुई है। इसलिए कुलपति और राजभवन जाकर कॉलेज की बार काउंसिल से मान्यता की मांग करें। छात्रों को बरगला कर परीक्षा का बहिष्कार और हंगामा नहीं करें। पढ़ने वाले छात्रों को पढ़ने दें, उन्हें हानि नहीं पहुंचाएं। डीआईजी ने कहा कि छात्र कानून हाथ में नहीं लें। दरअसल एक दिन पहले भागलपुर विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति को बंधक बनाए जाने पर प्रॉक्टर डा. योगेन्द्र ने पांच छात्रों पर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। छात्र मान्यता के अलावा इस मामले में भी डीआईजी से मिलने पहुंचे थे। छात्रों ने डीआईजी को लिखित आवेदन दिया जिसमें टीएनबी लॉ कॉलेज को बीसीआई से मान्यता दिलाने, मान्यता मिलने तक लॉ की सभी परीक्षाएं स्थगित करने, कॉलेज के प्राचार्य को बर्खास्त करने और उनके कार्यकाल की जांच करने के मामलों में डीआईजी से हस्तक्षेप करने की मांग की गई थी। इसके अलावा छात्रों ने पांच छात्रों पर की गई प्राथमिकी भी वापस लेने की मांग की थी। लेकिन डीआईजी ने हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया और कहा कि मान्यता का मामला विश्वविद्यालय या राजभवन के स्तर से हल हो सकता है। छात्र वहां संपर्क करें। प्राथमिकी हटाने की मांग पर उन्होंने कहा कि यह वापस नहीं होगी। कानून इस मामले में अपना काम करेगा।

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  • Web Title:students dont affect law and order