DA Image
28 फरवरी, 2021|6:07|IST

अगली स्टोरी

विश्वविद्यालय की गलतियों से छात्रा को परेशानी

default image

कटिहार | निज प्रतिनिधि

बीएनएमयू मधेपुरा की गलतियों का खामियाजा भुगत रही है एमएड की छात्रा। एक वर्ष में दो बार सेमेस्टर प्रथम और द्वितीय की परीक्षा लिया गया। चतुर्थ सेमेस्टर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अब विवि के परीक्षा नियंत्रण द्वारा फर्जी बताकर रिजल्ट को अवैध घोषित कर रिजल्ट नहीं प्रकाशित कर लटका दिये जाने से झारखंड साहेबगंज की सीटीईसहरसा एमएड की छात्रा रागिनी को परेशान किया जा रहा है।

इसको लेकर छात्रा रागिनी ने बताया कि वह कटिहार और सहरसा में रहकर एमएड की पठन पाठन पूरी की। इसके लिए 17-19 में सहरसा में एमएड क ोर्स के लिए नामांकन कराया। जिसमें 68सौ रुपये व्यय करना पड़ा। प्रथम सेमेस्टर में परीक्षा फॉर्म भरने के बाद किसी कारणवश छूट जाने से अपने जूनियर के साथ 29 अप्रैल को 19को शामिल होकर परीक्षा दी।

पुन: द्वितीय सेमेस्टर की परीक्षा उसी वर्ष नवम्बर में दी। तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा 27 फरवरी 20 एवं चतुर्थ समेस्टर की परीक्षा 30 जून 20को दी। सभी सेमेस्टरों में उत्तीर्ण होने के बाद अब तक रिजल्ट को लटका दिये जाने से आगे की पठन पाठन में परेशानी हो रही है। जबकि इसके लिए कटिहार से सहरसा एवं विवि मधेपुरा दर्जनों बार चक्कर लगाने के बाद सुधार की दिशा में कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है। परीक्षा नियंत्रक से बार बार अनुरोध के बाद भी संभव नहीं है सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खट्खटाने की बात पर ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:Student 39 s trouble due to university mistakes