युवाओं के कृषि ज्ञान को बीएयू देगा पहचान

युवाओं के कृषि ज्ञान को बीएयू देगा पहचान

संक्षेप:

विशेष बीएयू के सभी कॉलेज और अन्य केंद्रों पर होगी प्रशिक्षण की व्यवस्था मूल्यांकन के

Sep 15, 2025 03:07 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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बलराम मिश्र, भागलपुर भागलपुर सहित राज्य भर में कई ऐसे युवा सहित अन्य लोग हैं। जो कृषि में काफी रुचि रखते हैं। यही नहीं वे कृषि एवं इससे संबंधित क्षेत्रों में कौशल ज्ञान रखते हैं, लेकिन मूल्यांकन एवं प्रमाणन नहीं होने के कारण उन्हें अकुशल समझा जाता है। इस कारण उनके आइडिया सहित अन्य जानकारियों को उचित फोरम पर आधिकारिक प्रयोग नहीं हो सकता है। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) सबौर ने ऐसे लोगों को बिहार सरकार के राज्य स्कीम मद में स्वीकृत कौशल विकास योजना के तहत कुशल बनाने की तैयारी की है। जिसका लाभ सीधे-सीधे बिहार को होगा। इस प्रक्रिया के क्रियान्वयन के लिए लेकर कुलपति प्रो. दुनिया राम सिंह ने प्रसार निदेशालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. आरके सोहाने को जरूरी दिशा-निर्देश दिया है।

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उन्होंने इस पर काम शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने इस योजना का उद्देश्य के बारे में बताया कि रूचि रखने वाले युवा वर्ग एवं अन्य लोगों को कौशल प्रशिक्षण देकर कुशल तकनीकी एवं व्यवसायिक क्षमता का विकास करते हुए रोजगार/स्वरोजगार का सृजन कराना है। इस प्रशिक्षण के माध्यम से उनकी क्षमता का जागृत कराकर उनके कुशलता का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद उन्हें प्रमाण पत्र देकर पहचान दिलाई जाएगी, ताकि उनकी उपयोगिता बढ़े। अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में कौशल विकास योजना के अंतर्गत बीएयू, उसके सभी अंगीभूत कॉलेज, कृषि अनुसंधान संस्थान, एवं कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से विभिन्न प्रशिक्षण के माध्यम से विभिन्न सिलेबस के अनुसार कोर्स संचालित किए जाएंगे। इसमें बीएयू सबौर में इंटीग्रेटेड फार्मिंग प्रैक्टिसनर एवं एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सर्विस प्रोवाइडर, बिहार कृषि कॉलेज, सबौर में गार्डनर कम नर्सरी रेजर एवं ट्रॉपिकल/सब-ट्रॉपिकल फ्रूट ग्रोवर, एमबीएसी अगवानपुर सहरसा में वेजिटेबल ग्रोअर एवं वर्मी कंपोस्ट प्रोड्यूशर, वीके एससीओए, डुमरांव में बीकीपर एवं गार्डनर कम नर्सरी रेजर सहित अलग-अलग जिलों में अलग-अलग कोर्स संचालित किए जाएंगे। कोट : राज्य योजना के अंतर्गत युवक, युवतियों के साथ अन्य कृषि में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह सुनहरा अवसर होगा। इसके माध्यम से वे अपने ज्ञान को पहचान दे सकेंगे। इसके लिए बीएयू ने व्यवस्था शुरू की है। इस कवायद के बाद हमें बिहार में ज्यादा कृषि एक्सपर्ट मिलेंगे। प्रो. दुनिया राम सिंह, कुलपति बीएयू