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15 अगस्त, 2020|10:19|IST

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शाहकुंड: पचकठिया के ग्रामीणों का बढ़ रहा दर्द

शाहकुंड: पचकठिया के ग्रामीणों का बढ़ रहा दर्द

जैसे-जैसे लॉकडाउन की अवधि बढ़ रही है, वैसे-वैसे पचकठिया गांव के ग्रामीणों का दर्द बढ़ता जा रहा है। किसी को रोजी-रोटी की तो किसी को रोजगार की और किसी को अपने परिवार के घर से बाहर फंसे होने की परेशानी है।

गांव के प्रीतम कुमार का कहना है कि वे रोज दुकान में काम करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे लेकिन इस लॉकडाउन ने सब कुछ रोक रखा है। मनोहर प्रसाद गुप्ता का कहना है कि उनकी पतोहू घर से बाहर दूसरी जगह फंसी हुई है, उसे घर लाना मुश्किल हो रहा है। मनोज कुमार गुप्ता का कहना है कि रोजगार पूरी तरह से बंद हो गया है। अनिकेत, राजेश और डीलर कुमार का कहना है कि काम धंधा बंद हो जाने से आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। शुभम, रवि और परशुराम का कहना है कि अभी फसल भी पूरी तरह तैयार नहीं हो पाया है। बच्चों की पढ़ाई भी पूरी तरह प्रभावित है। यही स्थिति रही तो लोगों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह खराब हो जाएगी।

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  • Web Title:Shahkund Increasing pain of Paktathia villagers