अररिया: भारी बारिश से मक्का किसान बेहाल, खेतों में सड़ रही है तैयार फसल
कुर्साकांटा में हो रही मूसलाधार बारिश ने मक्का किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। फसल कटाई के अंतिम चरण में पहुंचने के बाद, खेतों में पानी भरने से मक्का सड़ने लगी है। किसानों ने भारी निवेश किया था, लेकिन अब उन्हें नुकसान की भरपाई की उम्मीद नहीं है। मुआवजे की मांग को लेकर वे प्रशासन के पास गए हैं।

कुर्साकांटा से अनिल झा की रिपोर्ट प्रखंड क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार और लगातार बारिश ने मक्का किसानों की और मुसीबत बढ़ा दी है। जो फसल किसानों के घर की खुशहाली का जरिया बनने वाली थी, वह अब खेतों में पानी के बीच सड़ रही है। इस प्राकृतिक आपदा ने किसानों को हताशा और गहरी निराशा के भंवर में धकेल दिया है। वर्तमान में मक्का की फसल कटाई के अंतिम चरण में थी या कई जगहों पर काटकर खेतों में ही सुखाने के लिए रखी गई थी। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण निचले इलाकों के खेतों में पानी भर जाने से मक्का के दाने काले पड़ने लगे हैं।
कटी हुई फसल में पानी लगने के कारण दाने बालियों में ही अंकुरित होने लगे हैं, जिससे वह बाजार में बेचने के लायक नहीं रह गई है। किसानों ने खाद, बीज और सिंचाई में भारी निवेश किया था, लेकिन अब उन्हें लागत निकालना भी मुश्किल लग रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि उन्होंने कर्ज लेकर खेती की थी। उम्मीद थी कि फसल बेचकर कर्ज चुकाएंगे और घर की जरूरतों को पूरा करेंगे, लेकिन बारिश ने सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। मक्का किसानों के अनुसार, अगर धूप नहीं खिली तो पूरी फसल पशु चारा बनने की कगार पर पहुंच जाएगी। किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से नुकसान हुई मक्का फसल की सर्वे करा कर मुआवजा की राशि देने की गुहार लगाई है।
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