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बोले मुंगेर : खास बाजार में टूटी सड़कें चलना बना खतरे का सफर

बोले मुंगेर : खास बाजार में टूटी सड़कें चलना बना खतरे का सफर

संक्षेप:

हवेली खड़गपुर के वार्ड-12 (खास बाजार मोहल्ला) में बुनियादी नागरिक सुविधाओं की गंभीर कमी है। सड़कें जर्जर हैं, 250 स्ट्रीट लाइट खराब हैं, और नल-जल योजना विफल हो रही है।

Dec 27, 2025 01:06 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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बोले मुंगेर : खास बाजार में टूटी सड़कें चलना बना खतरे का सफर

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- प्रस्तुति : गौरव कुमार मिश्रा

नगर परिषद, हवेली खड़गपुर के वार्ड-12 (मोहल्ला खास बाजार) में बुनियादी नागरिक सुविधाओं की भारी कमी लोगों के जीवन पर गहरा असर डाल रही है। क्षेत्र की सड़कें लंबे समय से जर्जर हैं, जिससे आवागमन कठिन और जोखिम भरा हो गया है। लगभग 250 स्ट्रीट लाइट खराब है और एक भी हाई मास्क लाइट नहीं है, जिससे शाम के बाद अंधेरा पसर जाता है। नल-जल योजना का क्रियान्वयन भी विफल नजर आता है। करीब 100 घरों में अब तक कनेक्शन नहीं पहुंचा, जबकि कई जगहों पर पाइपलाइन लीकेज से पानी की भारी बर्बादी हो रही है। खुले और टूटे नालों से गंदगी फैल रही है, जिससे स्वास्थ्य संकट का खतरा बढ़ा है। समुदाय में न तो पार्क, मैदान और न ही सामुदायिक भवन जैसी सुविधाएं हैं। कुल मिलाकर क्षेत्र प्रशासनिक उपेक्षा और योजनाओं की असफलता के कारण विकास से कोसों दूर है।

नगर परिषद, हवेली खड़गपुर के वार्ड-12 अंतर्गत खास बाजार मोहल्ला लगभग 1500 मतदाताओं और 4000 की आबादी वाला घनी बसावट का क्षेत्र है। इसके बावजूद यह वार्ड बुनियादी नागरिक सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहा है। आज भी लगभग 100 परिवार खपरैल (कच्चे) मकानों में रहने को मजबूर हैं, जो आवासीय असुरक्षा और गरीबी की तस्वीर पेश करता है। मोहल्ले में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था बेहद दयनीय है। करीब 250 एलईडी स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है, जबकि एक भी हाई मास्क लाइट की व्यवस्था नहीं है। पेयजल की स्थिति भी चिंताजनक है। लगभग 100 घरों में नल-जल योजना का कनेक्शन अब तक नहीं पहुंचा है। वहीं, जिन घरों में कनेक्शन है, वहां लीकेज, टूटी टोंटियों और कमजोर सप्लाई के कारण पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अनुमानतः 2500 से अधिक घर नल-जल योजना से जुड़े होने के बावजूद नियमित जलापूर्ति से वंचित हैं, जिससे पानी की भारी बर्बादी भी हो रही है।

सड़क और नाला व्यवस्था भी पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। थाना चौक से पुरानी चौक होते हुए बड़ी दुर्गा मंदिर तक की मुख्य सड़क पिछले 15 वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रही है। वार्ड की सभी गलियां टूटी हुई हैं और नल-जल योजना के दौरान सड़कों को तोड़कर छोड़ दिया गया, लेकिन पुनर्निर्माण नहीं किया गया। नालों की हालत भी खराब है; कई स्थानों पर ढक्कन टूटे होने से नाले खुले पड़े हैं, जिससे जाम और गंदगी फैल रही है। सामुदायिक सुविधाओं का भी पूर्ण अभाव है। वार्ड में न तो सामुदायिक भवन है, न मैदान, न बच्चों के लिए पार्क और न ही लाइब्रेरी। पूर्व में स्थित उत्पाद विभाग का जर्जर दारू गोदाम भवन अतिक्रमण का शिकार है। यदि प्रशासन इसे खाली कराकर विवाह भवन या मोहल्ला क्लीनिक जैसी उपयोगी संरचनाओं का विकास करे तो क्षेत्र को बड़ी राहत मिल सकती है। कुल मिलाकर वार्ड-12 को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और समग्र विकास की सख्त जरूरत है। थाना चौक से पुरानी चौक होते हुए बड़ी दुर्गा मंदिर तक की मुख्य सड़क पिछले 15 वर्षों से जर्जर स्थिति में है। वार्ड की सभी गलियां भी टूट-फूट का शिकार हैं। नल-जल योजना के दौरान सड़कों को तोड़ दिया गया, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई। गड्ढों और उखड़ी सड़कों के कारण पैदल चलना और वाहन चलाना दोनों जोखिम भरा हो गया है। स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से शीघ्र सड़क पुनर्निर्माण की मांग की है। खास बाजार मोहल्ले में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था चरमरा गई है।

लाइट महीनों से खराब, शिकायतों परनहीं हुई कार्रवाई

वार्ड‑12, खास बाजार में सार्वजनिक प्रकाश व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। मोहल्ले की लगभग 250 एलईडी स्ट्रीट लाइट लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जबकि एक भी हाई मास्क लाइट नहीं लगाई गई है। नतीजतन, शाम ढलते ही पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है और राहगीरों को आवाजाही में काफी परेशानी होती है। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति विशेष रूप से असुरक्षित बनी हुई है। अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ने की भी आशंका रहती है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि, खराब लाइटों की शिकायत कई बार नगर परिषद तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने प्रशासन से तुरंत सभी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत और कम से कम एक हाई मास्क लाइट की स्थापना करने की मांग की है ताकि मोहल्ले में फिर से रोशनी लौटे और सुरक्षा की भावना कायम हो सके।

हमारी भी सुनें

नल-जल योजना पूरी तरह विफल साबित हो रही है। जिन घरों में कनेक्शन दिया गया है, वहां पाइपलाइन लीकेज के कारण पानी का प्रेशर बेहद कम है।

- मो. इम्तियाज

थाना चौक से पुरानी चौक होते हुए बड़ी दुर्गा मंदिर तक की सड़क पिछले लगभग 15 वर्षों से जर्जर है। अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ हैै।

- शमीम

मोहल्ले के पुराने नाले पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। कई स्थानों पर नालों की ढलाई (कवर) नहीं होने के कारण सफाई के बावजूद कचरा भरा रहता है।

- महताब

वार्ड की लगभग सभी गलियों की सड़कें जर्जर हो चुकी हैं। नल-जल योजना के दौरान सड़कें तोड़ी गईं, लेकिन पुनर्निर्माण नहीं किया गया।

- हामिद

हवेली खड़गपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बावजूद वार्ड-12 में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो पा रहे हैं। इसके कारण लोगों को परेशानी होती है।

- मो. मुमताज अली

वार्ड में पूर्व में स्थित उत्पाद विभाग का दारू गोदाम भवन कुछ लोगों द्वारा अतिक्रमित कर लिया गया है। भवन भी जर्जर अवस्था में है।

- मो. नौशाद

वार्ड-12 में एक भी सामुदायिक या विवाह भवन नहीं है। सामाजिक कार्यक्रमों के लिए लोगों को निजी विवाह भवनों पर निर्भर रहना पड़ता है।

- ईद उल हसन

मोहल्ले में आज भी पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है। जिन घरों में सबमर्सिबल या चापाकल नहीं है, उन्हें अधिक कठिनाई होती है।

- अब्दुल जब्बार अंसारी

वार्ड में कई एलईडी स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी है। इसके अतिरिक्त लगभग 20 नई एलईडी लाइटों की आवश्यकता है, जिससे रोशनी की समस्या दूर होगी।

- मो. आरिफ

पीएचईडी द्वारा लगाए गए सभी सरकारी चापाकल वर्तमान में खराब पड़े हैं। स्थापना के बाद इनके रखरखाव पर ध्यान नहीं दिया गया।

- शाहरुख खान

नाला निर्माण नहीं होने से छोटी नालियां खुली रहती हैं, जिससे गंदगी और बदबू फैलती है। ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी नियमित रूप से नहीं किया जाता।

- नौशाद

कड़ाके की ठंड के बावजूद चौक-चौराहों पर अब तक अलाव की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे राहगीर, ई-रिक्शा चालक और दुकानदार परेशान हैं।

- मो. जलालुद्दीन

नल-जल योजना में कई स्थानों पर पाइपलाइन लीकेज है। इससे एक ओर पानी की बर्बादी होती है, वहीं दूसरी ओर घरों तक पानी नहीं पहुंच पाता।

- इस्माइल अंसारी

वार्ड में बच्चों के लिए न तो खेल का मैदान है और न ही पार्क। मनोरंजन की सुविधा नहीं होने के कारण बच्चे विद्यालय से लौटने के बाद घरों में ही सीमित रहते हैं।

- मो. जैनुल

नल-जल योजना को लेकर वार्ड पार्षद से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब भी कई घरों तक नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है।

- इसराइल अंसारी

बोले जिम्मेदार

थाना चौक से बड़ी दुर्गा मंदिर तक सड़क निर्माण का टेंडर हो चुका है, पर कार्य में विलंब है। नल‑जल शिकायतों पर कार्रवाई नहीं हुई। पीएम आवास के 10 आवेदन लंबित हैं। सफाई कर्मी रोज नाले साफ कर ब्लीचिंग छिड़काव करते हैं।

- शिरीन नाज, वार्ड पार्षद

शिकायत

1. कई घरों में नल-जल कनेक्शन नहीं है और जहां है, वहां लीकेज, टूटी टोंटियां और कम दबाव के कारण पानी नहीं पहुंच रहा है।

2. मुख्य सड़क और वार्ड की सभी गलियां लंबे समय से जर्जर हैं।

3. कई नाले टूटे और खुले पड़े हैं। ढक्कन क्षतिग्रस्त होने से नाले जाम हैं, गंदगी फैल रही है।

4. लगभग 250 एलइडी स्ट्रीट लाइट खराब हैं और वार्ड में एक भी हाई मास्ट लाइट नहीं है।

5. वार्ड में सामुदायिक भवन, मैदान, बच्चों का पार्क, प्याऊ और लाइब्रेरी जैसी बुनियादी सामुदायिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।

सुझाव

1. पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत, टूटी टोंटियों की तत्काल बदली और सभी घरों तक नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित की जाए।

2. मुख्य सड़क सहित सभी गलियों का चरणबद्ध पुनर्निर्माण किया जाए और नल-जल कार्य के बाद सड़क मरम्मत को अनिवार्य किया जाए।

3. जर्जर नालों की मरम्मत अथवा पुनर्निर्माण कर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं।

4. सभी खराब एलइडी लाइटों को शीघ्र दुरुस्त किया जाए और प्रमुख चौराहों पर हाई मास्ट लाइट लगे।

5. अतिक्रमित सरकारी भवन को मुक्त कर विवाह भवन या मोहल्ला क्लीनिक विकसित किया जाए।