जमुई: झाझा में पारा 38 डिग्री, पर 'फील्स लाइक' 44 का

हिन्दुस्तान, भागलपुर
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झाझा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को 44°C जैसी 'रियल फील' गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सा सलाह के अनुसार, बच्चों और बुजुर्गों को धूप से बचने की सलाह दी जा रही है। अभिभावकों ने जिला प्रशासन से विद्यालयों की छुट्टियां बढ़ाने की मांग की है, ताकि बच्चों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।

जमुई: झाझा में पारा 38 डिग्री, पर 'फील्स लाइक' 44 का

झाझा से संजय वर्णवाल की रिपोर्ट झाझा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। हालांकि मौसम विभाग के अनुसार यहाँ का अधिकतम तापमान 38°C के आसपास दर्ज किया जा रहा है, बावजूद हवा में अत्यधिक नमी और उमस के कारण लोगों को 44°C जैसी रोंगटे खड़े कर देने वाली 'रियल फील' (अहसास) गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रचंड धूप और उमस भरे वातावरण ने आम जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह के 9 बजते ही चिलचिलाती धूप लोगों को झुलसाने लगती है। दोपहर के समय स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जिससे सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है।

इस जानलेवा गर्मी और उमस के कारण स्थानीय अस्पतालों और क्लीनिकों में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई है। लोग तेजी से डिहाइड्रेशन, उल्टी, दस्त, चक्कर आने और हीट स्ट्रोक (लू) जैसी समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। चिकित्सकों ने इस मौसम में विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को धूप से बचने और ओआरएस या पर्याप्त तरल पदार्थ लेते रहने की सलाह दी है। ग्रीष्मकालीन अवकाश (गर्मी की छुट्टियां) खत्म होने के बाद अब दोबारा विद्यालय खुलने का समय आ गया है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों की चिंताएं चरम पर हैं।स्थानीय अभिभावक कहते हैं, "इस भीषण उमस और प्रचंड धूप में छोटे बच्चों को स्कूल भेजना उनके स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। बिजली की कटौती के बीच स्कूलों के बंद कमरों में बच्चे बीमार पड़ सकते हैं।" क्षेत्र के जागरूक नागरिकों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन तथा शिक्षा विभाग से पुरजोर मांग की है कि वर्तमान मौसम की गंभीरता और बच्चों के व्यापक हित को देखते हुए विद्यालयों को खोलने की समय सीमा (छुट्टियां) को आगे बढ़ाया जाए। अभिभावकों का कहना है कि जब तक मौसम में कुछ सुधार नहीं होता या मानसून की बारिश से राहत नहीं मिलती, तब तक प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों को बंद रखा जाना चाहिए अथवा उनके समय में व्यापक बदलाव किया जाना चाहिए। अभाविप ने भीषण गर्मी को देखते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर तीन दिनों पूर्व ही जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा है। विद्यार्थी परिषद नगर इकाई झाझा द्वारा जिले मेंं बढ़ती भीषण गर्मी को देखते हुए सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर जिलाधिकारी, जमुई को अनुरोध किया जा चुका है।

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