
सुपौल : घने कोहरे और शीतलहर का दोहरा कहर, सुपौल ठिठुरा
सुपौल में ठंड ने फिर से तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के कारण शनिवार को पूरा जिला घने कोहरे में लिपटा रहा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कोहरे के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो 4 जनवरी तक प्रभावी रहेगा। किसानों की फसलों पर भी प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
सुपौल। हिन्दुस्तान संवाददाता जिले में ठंड ने एक बार फिर तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार सुबह पूरा जिला घने कोहरे और धुंध की चादर में लिपटा रहा। हालात ऐसे रहे कि दिन में भी अंधेरे जैसा दृश्य बन गया और सड़कों पर वाहन चालकों को लाइट जलाकर चलना पड़ा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जो चार जनवरी तक प्रभावी रहने की संभावना है। आठ जनवरी तक बीच-बीच में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी रहने की चेतावनी दी गई है। वैसे शुक्रवार शाम से ही ठंडी हवा चलने के कारण गलन काफी बढ़ गई थी।
मौसम वैज्ञानिक सुमन के अनुसार पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी और लगातार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के चलते रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही जिले में घने कोहरे की स्थिति बनी रहेगी। उधर, घने कोहरे ने किसानों की चिंता भी बढ़ा दी है। अरहर, सरसों, मटर, चना और आलू जैसी फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। विशेषज्ञों ने किसानों को फसलों की नियमित निगरानी और रोग के लक्षण दिखते ही दवा के छिड़काव की सलाह दी है। दो दिनों की राहत के बाद फिर से जारी ठंड का असर आम लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। सर्दी-खांसी और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। मौसमी बीमारियों के चलते एंटीबायोटिक दवाओं की खपत में करीब 30 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।

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