Bhagalpur News: किशनगंज : मेची नदी में लापता 10 वर्षीय मुस्तकीम राजा का तीसरे दिन भी नहीं मिला सुराग
Bhagalpur News: ठाकुरगंज प्रखंड की मेची नदी में स्नान करने गए 10 वर्षीय मुस्तकीम राजा के लापता होने की घटना को तीन दिन हो गए हैं। स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम तलाशी अभियान चला रही है, लेकिन अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। परिवार और गांव के लोगों की चिंता बढ़ती जा रही है।

Bhagalpur News: पौआखाली से अभिषेक कुमार सिंह की रिपोर्ट ठाकुरगंज प्रखंड की मेची नदी में स्नान के दौरान लापता हुए 10 वर्षीय बालक मुस्तकीम राजा का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका। लगातार तीन दिनों से एसडीआरएफ, स्थानीय प्रशासन, पुलिस तथा ग्रामीणों की संयुक्त टीम नदी में सघन तलाशी अभियान चला रही है, लेकिन सोमवार देर शाम तक बालक का पता नहीं चल पाया। समय बीतने के साथ परिजनों की चिंता और बेचैनी लगातार बढ़ती जा रही है, जबकि पूरे उत्तर भौलमाड़ा गांव में गम और मायूसी का माहौल व्याप्त है। घटना ठाकुरगंज प्रखंड की भौलमाड़ा पंचायत के उत्तर भौलमाड़ा गांव की है। गांव निवासी शमीम अख्तर का 10 वर्षीय पुत्र मुस्तकीम राजा शनिवार दोपहर अपने हमउम्र साथियों के साथ मेची नदी में स्नान करने गया था। प्रत्यक्षदर्शी बच्चों के अनुसार स्नान के दौरान मुस्तकीम अचानक गहरे पानी की ओर चला गया और देखते ही देखते नदी की तेज धारा में लापता हो गया। साथी बच्चों ने शोर मचाया तो आसपास मौजूद ग्रामीण तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और अपने स्तर पर काफी देर तक खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली。
स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। पौआखाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। नदी किनारे से बालक के कपड़े बरामद होने के बाद उसके नदी में डूबने की आशंका और अधिक प्रबल हो गई। इसके बाद से एसडीआरएफ की टीम लगातार आधुनिक उपकरणों और नाव की सहायता से नदी के विभिन्न हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चला रही है। नदी की गहराई, तेज बहाव और कई स्थानों पर दलदली क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव अभियान में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।सोमवार को भी सुबह से देर शाम तक एसडीआरएफ के जवानों ने नदी के कई किलोमीटर क्षेत्र में गहन तलाशी ली। गोताखोरों ने संभावित स्थानों पर बार-बार नदी में उतरकर खोजबीन की, जबकि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। इसके बावजूद देर शाम तक बालक का कोई पता नहीं चल सका।
ग्रामीणों की चिंता और प्रशासन का आश्वासन
पंचायत समिति सदस्य सह पूर्व प्रमुख प्रतिनिधि आदित्य कुमार गणेश ने बताया कि प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ राहत एवं बचाव अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि तीसरे दिन भी एसडीआरएफ की टीम लगातार मेची नदी में खोजबीन करती रही, लेकिन अभी तक कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जब तक बालक का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा। उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें तथा प्रशासन का सहयोग करें।इधर, घटना के बाद से मुस्तकीम राजा के घर का माहौल बेहद गमगीन है। मां-बाप का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के अन्य सदस्य भी गहरे सदमे में हैं। हर गुजरते पल के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। गांव की महिलाएं लगातार परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रही हैं, जबकि बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रतिदिन नदी किनारे पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान की जानकारी लेते नजर आ रहे हैं। पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई मासूम के सकुशल मिलने की दुआ कर रहा है।
भविष्य के लिए सुझाव
स्थानीय लोगों का कहना है कि मेची नदी में बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने के साथ-साथ तेज बहाव रहता है, जिससे स्नान करना काफी जोखिम भरा हो जाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से नदी के संवेदनशील घाटों पर चेतावनी बोर्ड लगाने, खतरनाक स्थानों की पहचान कराने तथा बरसात के दिनों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।पौआखाली थाना प्रभारी शंखराज कर्ण ने बताया कि घटना के बाद से प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। उन्होंने कहा कि एसडीआरएफ की टीम लगातार मेची नदी में सर्च ऑपरेशन चला रही है। प्रशासन की ओर से हर संभव प्रयास किया जा रहा है और जब तक बालक का पता नहीं चल जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में नदी-नालों में स्नान करने से बचें तथा बच्चों पर विशेष निगरानी रखें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। वही समाचार लिखें जाने तक बालक का कोई पता नहीं चला


