लखीसराय: सीमित संसाधनों में व्यंजन बनाकर स्काउट-गाइड प्रशिक्षुओं ने दिखाई प्रतिभा
कजरा में आयोजित पांच दिवसीय स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों ने सीमित संसाधनों में विभिन्न व्यंजन तैयार किए। कार्यक्रम का संचालन जिला संगठन आयुक्त और सहायक शिविर प्रधान द्वारा किया गया। सभी टीमों को समान प्रथम स्थान दिया गया, जिससे बच्चों में आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता का विकास हुआ।

कजरा से वैदेही शरण की रिपोर्ट: पांच दिवसीय स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के तहत मॉडल प्लस टू उच्च विद्यालय, नरोत्तमपुर कजरा के प्रांगण में बच्चों द्वारा प्रतिकूल परिस्थितियों एवं सीमित संसाधनों में व्यंजन तैयार करने की गतिविधि आयोजित की गई। कार्यक्रम का संचालन जिला संगठन आयुक्त मृत्युंजय कुमार एवं सहायक शिविर प्रधान सूरज कुमार के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान प्रशिक्षुओं ने बर्तनों एवं अन्य संसाधनों का न्यूनतम उपयोग करते हुए विभिन्न प्रकार के व्यंजन तैयार कर अपनी दक्षता, अनुशासन, आत्मनिर्भरता एवं रचनात्मकता का परिचय दिया। कार्यक्रम में कजरा शिक्षांचल के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मो. एजाज आलम, विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार,16वीं सशस्त्र सीमा बल के इंस्पेक्टर दिवाकर कुमार तथा शिक्षक शांतनु कुमार ने बच्चों द्वारा तैयार व्यंजनों का निरीक्षण किया और उनके प्रयासों की सराहना की।
बच्चों को मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान करने हेतु विद्यालय के शिक्षक शांतनु कुमार,आशुतोष शुक्ला, मनीष कुमार सहित अन्य शिक्षक सुबह से ही सक्रिय रूप से जुटे रहे। प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्काउट एवं गाइड की कुल 12 टीमों — झांसी की रानी, सोफिया कुरेशी, लता मंगेशकर, सरोजिनी नायडू, लक्ष्मीबाई, कल्पना चावला, मदर टेरेसा, सुभाष चंद्र बोस, महात्मा गांधी, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, मॉडल एआई ग्रुप एवं भीमराव अंबेडकर टीम — के कुल 144 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय के वरीय शिक्षक गुरुदेव प्रसाद मालाकार, सुनील कुमार चौधरी, अनीता कुमारी एवं विद्यालय परिवार के अन्य शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सभी शिक्षक पूरे कार्यक्रम के दौरान पूरी तत्परता एवं समर्पण के साथ उपस्थित रहे। विद्यालय के शिक्षक शांतनु कुमार ने कहा कि स्काउट एवं गाइड बच्चों में आत्मनिर्भरता, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता एवं विपरीत परिस्थितियों में कार्य करने की भावना विकसित करता है। इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अत्यंत सहायक सिद्ध होती हैं। वहीं विद्यालय के प्रधानाध्यापक अनिल कुमार ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम बच्चों को केवल पुस्तक ज्ञान तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उन्हें व्यवहारिक जीवन की चुनौतियों का सामना करना भी सिखाते हैं। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मोहम्मद एजाज आलम ने सभी प्रतिभागियों के प्रदर्शन की सराहना करते हुए कहा कि सभी टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। किसी भी टीम को द्वितीय या तृतीय स्थान नहीं दिया गया, बल्कि सभी टीमों को प्रथम स्थान प्रदान किया गया।
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