मानिक सरकार घाट की पुलिया को हटाने का विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा

Newswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
share

भागलपुर में मानिक सरकार घाट पर जहाज के आवागमन में बाधा बन रही पुलिया को तोड़ने की कोशिश विफल रही। ग्रामीणों ने विधायक और अधिकारियों के सामने विरोध किया, कहा कि फसल के लिए पुलिया जरूरी है। एसडीओ ने कहा कि ग्रामीणों की समस्या को ध्यान में रखा जाएगा और मामले की जानकारी डीएम को दी जाएगी।

मानिक सरकार घाट की पुलिया को हटाने का विरोध दूसरे दिन भी जारी रहा

भागलपुर, वरीय संवाददाता। मानिक सरकार घाट पर जहाज के आवागम में बाधा बन रही पुलिया और दियारे पर जाने के लिए बनी कच्ची सड़क को तोड़ने की कवायद दूसरे दिन भी विफल हो गई। ग्रामीणों से वार्ता करने के लिए बुधवार को नाथनगर के विधायक मिथुन यादव, सदर एसडीओ विकास कुमार, भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के भागलपुर प्रभारी आरके सिंह सोलंकी पहुंचे थे। पुलिया पर पहुंचकर पदाधिकारियों ने गंगा की उपधारा में तैयार रास्ते का निरीक्षण भी किया।पदाधिकारियों के आने की सूचना पर शंकरपुर पंचायत के मुखिया अशोक यादव और सैकड़ों ग्रामीण मौके पर पहुंचे। साथ ही पुलिया व रास्ता को हटाने का विरोध करने लगे।

ग्रामीणों ने कहा कि दियारे पर इस समय मक्का, गेहूं, सब्जी समेत दूसरी फसल लगी हुई है। खेतीबारी के लिए दियारे पर दिनभर किसानों का आना जाना लगा रहता है। खेत तैयार करने के लिए इस होकर ट्रैक्टर व दूसरे वाहन भी जाते हैं। अगर पुलिया तोड़ दी गई तो नाव से सभी फसलों को निकालना मुश्किल हो जाएगा। ग्रामीणों ने एक स्वर में पुलिया नहीं तोड़ने का आग्रह किया। वहीं आंदोलन की चेतावनी भी दी। मामले पर एसडीओ ने बताया कि गंगा बेसिन में धारा को रोककर रास्ता बनाया गया है। ग्रामीणों के साथ वार्ता हुई है। मामले की पूरी जानकारी डीएम को दी जाएगी। आमलोगों की समस्या को ध्यान में रखा जाएगा।मामले पर जलमार्ग प्राधिकरण के भागलपुर प्रभारी ने बताया कि बरारी, विसर्जन घाट, मानिक सरकार व रत्तीपुर घाट होकर गंगा की मुख्य धारा तक जहाज की आवाजाही में मानिक सरकार घाट में बना पक्की पुलिया बाधा बन रही है। बरारी घाट के पास विक्रमशिला पुल और नदी की सतह के बीच गैप अधिक है। इस होकर ऊंचे जहाजों को गुजरने में कोई समस्या नहीं होती है। कुछ माह पूर्व रत्तीपुर घाट से बरारी घाट के बीच नदी के तल से गाद हटाने के लिए मशीन से ड्रेजिंग शुरू की गई थी। लेकिन किसानों की मांग पर फिलहाल इसे रोका गया है। बारिश के समय पानी बढ़ने पर ड्रेजिंग फिर से शुरू होगा। जहाज के आवागमन के लिए इस पुलिया को भी तोड़कर हटा दिया जाएगा। ड्रेजिंग पूरा होने पर शहर के सभी घाटों पर सालों भर नदी की धारा बहेगी। इधर, एसडीओ को बताया गया कि बूढ़ानाथ मंदिर घाट के पास भी जमुनिया धार में मिट्टी डालकर रास्ता तैयार किया गया है।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।