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सर्प दंश से लोगों के बचाव के लिए ग्रामीण चिकित्सकों की जिम्मेदारी अधिक: सीएस

हिन्दुस्तान टीम,भागलपुरNewswrap
Sun, 14 Nov 2021 10:41 PM
सर्प दंश से लोगों के बचाव के लिए ग्रामीण चिकित्सकों की जिम्मेदारी अधिक: सीएस

भागलपुर। वरीय संवाददाता

सांप के काटने से मरने वालों की संख्या में कमी लाने के लिए उद्देश्य से अब लोगों को जागरूक किया जाएगा। जीवन जागृति सोसाइटी सर्पदंश मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के साथ इलाज कराने तक खड़ी रहेगी। लोगों के लिए एक हेल्प नंबर 7667311347 जारी किया गया है। इस मामले को लेकर अखिलेश यादव को क्षेत्रीय प्रभारी व मुद्दसिर आलम, मुकेश एवं कैलाश को क्षेत्रीय संयोजक बनाया गया है।

जीवन जागृति सोसाइटी व आपदा प्रबंधन विभाग भागलपुर के संयुक्त तत्वाधान में स्थानीय एक होटल में सर्पदंश पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें सीएस डॉ. उमेश शर्मा ने कहा कि इस मामले में ग्रामीण चिकित्सकों की जिम्मेदारी अधिक है ऐसे लोग प्रशिक्षित हो जाएंगे तो कई की जान बच सकती है। लोग झाड़-फूंक के चक्कर में नहीं रहकर तत्काल अस्तपाल आये। यहां दवा उपलब्ध है। समय पर आने पर किसी को नुकसान नहीं पहुंचेगा।

सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार सिंह ने कहा कि बिहार में करीब 45 सौ लोग हर वर्ष सर्पदंश की वजह से अपनी जान खो देते हैं। एसडीआरएफ के इस्पेक्टर गणेश ओझा ने कहा कि जहां सांप काटा हो उस जगह पर कुछ बांधे नहीं। जल्द से जल्द उसे अस्पताल ले जाएं। रेडक्रॉस सोसाइटी के मनोज पांडेय ने कहा कि एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी।

डॉ. आरपी जायसवाल ने कहा कि तंत्रिका तंत्र पर विष का प्रभाव होता है तो लोगों की आंखों के पल नहीं उठ पाते हैं, बेहोशी छाने लगती है। इसके लक्षण जल्दी आते हैं, लेकिन रक्त पर प्रभाव करने वाले सांप के काटने के लक्षण देर से आते हैं। कटे स्थान पर यदि सूजन बढ़े तो विष का असर होता है।

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