लैलख हादसे के बाद आरपीएफ सतर्क, अब हर छह घंटे पर देनी होगी खैरियत रिपोर्ट

Newswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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रात आठ बजे के बाद स्टेशन परिसर और आसपास के संदिग्धों की तैयार होगी सूची

लैलख हादसे के बाद आरपीएफ सतर्क, अब हर छह घंटे पर देनी होगी खैरियत रिपोर्ट

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता। लैलख-ममलखा स्टेशन पर चार दिन पहले आरपीएफ के सिपाही धर्मेंद्र कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद आरपीएफ मुख्यालय बेहद गंभीर हो गया है। आरपीएफ के सीनियर कमांडेंट के घटनास्थल पर का दौरा करने एवं ड्यूटी पर तैनात कर्मियों से बातचीत करने के बाद इस संवेदनशील घटना से सबक लेते हुए मुख्यालय ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और जवानों की मॉनिटरिंग के लिए कई कड़े और नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नए आदेश के तहत ऑन-ड्यूटी जवानों को हर छह घंटे में अपनी खैरियत रिपोर्ट ऑल इज वेल अपने उच्च अधिकारियों को देनी होगी। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मी किसी भी सूरत में मोबाइल ऑफ नहीं करेंगे। यदि ऐसा करते हुए पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सुरक्षा की नई व्यवस्था

मुख्यालय द्वारा जारी नए निर्देश के अनुसार रात के आठ बजते ही स्टेशन परिसर और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा का घेरा कड़ा कर दिया जाएगा। रात आठ बजे के बाद स्टेशन और रेल परिसर के इर्द-गिर्द घूमने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान की जाएगी और उनकी एक बाकायदा सूची तैयार होगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और देर रात होने वाली आपराधिक या संदिग्ध गतिविधियों पर पूरी तरह से अंकुश लगाना है।

ओडी ड्यूटी प्रभारी हर आठ घंटे पर देंगे रिपोर्ट

सुरक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही तय करने के लिए अब ओडी ड्यूटी में तैनात पदाधिकारियों को भी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। ओडी ड्यूटी पर तैनात पदाधिकारी को हर आठ घंटे में अपने संबंधित आरपीएफ इंस्पेक्टर को क्षेत्र की पूरी रिपोर्ट सौंपनी होगी। उन्हें लिखित या वायरलेस के माध्यम से यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके अधिकार क्षेत्र में सब ठीक है।

छोटे स्टेशनों पर भी बढ़ेगी सुरक्षा

अक्सर देखा जाता था कि छोटे स्टेशनों पर सुरक्षा-व्यवस्था ढीली रहती थी और वहां कम बल तैनात किए जाते थे। लैलख की घटना के बाद इस व्यवस्था को पूरी तरह बदल दिया गया है। अब किसी भी छोटे स्टेशन को असुरक्षित नहीं छोड़ा जाएगा। नए नियमों के मुताबिक, अब हर छोटे स्टेशन पर भी कम-से-कम दो सिपाही और एक पदाधिकारी की तैनाती अनिवार्य रूप से की जाएगी। यानी अब किसी भी छोटे स्टेशन पर न्यूनतम तीन सदस्यीय टीम हर वक्त मुस्तैद रहेगी।

लैलख की घटना के बाद जागा मुख्यालय

दरअसल, हाल ही में लैलख में आरपीएफ सिपाही की संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी, जिसके बाद रेलवे सुरक्षा और जवानों की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े हुए थे। इसी घटना को संज्ञान में लेते हुए मुख्यालय ने सुरक्षा में सेंध लगाने वाली पुरानी कमियों को दूर करने के लिए यह नया अमलीजामा पहनाया है। इन बदलावों से न सिर्फ रेल संपत्ति और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि ड्यूटी पर तैनात जवानों की सुरक्षा और उनकी उपस्थिति भी सुनिश्चित की जा सकेगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

ड्यूटी के दौरान जवानों के निर्देश

कोट

अब ड्यूटी के दौरान कोई भी जवान या पदाधिकारी किसी भी सूरत में स्टेशन परिसर छोड़कर बाहर नहीं जाएगा। ड्यूटी पर तैनात कर्मी प्रत्येक छह घंटे पर अपने वरीय अधिकारी को खैरियत रिपोर्ट समर्पित करेगा। अगर कोई बिना अनुमति के गायब पाया गया तो उस पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

- बरुण कुमार बोहरा, सीनियर कमांडेंट, आरपीएफ, भागलपुर।

प्रश्नोत्तरी

आरपीएफ ने नए दिशा-निर्देश कब जारी किए?
आरपीएफ ने सिपाही धर्मेंद्र कुमार की संदिग्ध मौत के बाद नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

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