Bhagalpur News: पूर्णिया : बारिश में फुफकार रहे सांप, सरकारी रिकार्ड में सिर्फ एक मौत
Bhagalpur News: पूर्णिया से धीरज कुमार झा की रिपोर्ट बारिश के मौसम में सांप फुफकारने लगा

Bhagalpur News: पूर्णिया से धीरज कुमार झा की रिपोर्ट बारिश के मौसम में सांप फुफकारने लगा है। जिले में हर महीने औसतन एक से दो लोगों की सांप के डंसने से मौत हो रही है। हालांकि, जिला आपदा कार्यालय के रजिस्टर में इस साल आठ महीने में सांप के काटने से मौत की संख्या सिर्फ एक है। दरअसल, सांप काटने की स्थिति में लोग मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाते हैं। इसलिए पीड़ित परिवार को चार लाख की मदद भी नहीं मिल पाती है। यही नहीं सांप काटने के बाद लोग झांड़-फूक के चक्कर में भी वक्त जाया कर देते हैं। अगर समय रहते एंटी-वेनम इंजेक्शन लगवाएं तो अपनों को असमय खोने से लोग बच सकते हैं।
सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक के अंधविश्वास से बचें :
जिला प्रशासन एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण पूर्णिया द्वारा जनहित में एक महत्वपूर्ण जागरूकता संदेश जारी किया गया है। आम नागरिकों से सर्पदंश की घटनाओं के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की गई है। सर्पदंश की स्थिति में किसी भी ओझा, गुणी या झाड़-फूक करने वालों के चक्कर में पड़कर अपना कीमती समय बिल्कुल व्यर्थ न गंवाएं, क्योंकि ऐसा अंधविश्वास पीड़ित के लिए जानलेवा साबित हो सकता है।
वैज्ञानिक और जीवनरक्षक उपचार केवल 'एंटी-स्नेक वेनम' इंजेक्शन :
सांप के काटने का एकमात्र प्रामाणिक, वैज्ञानिक और जीवनरक्षक उपचार केवल 'एंटी-स्नेक वेनम' इंजेक्शन है, जो जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, सदर अस्पताल एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) में पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। ऐसी आपात स्थिति में मरीज को पूरी तरह शांत और स्थिर रखें तथा बिना कोई विलम्ब किए तुरंत 102 / 108 एम्बुलेंस सेवा अथवा अन्य उपलब्ध वाहन के माध्यम से पीड़ित को नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुँचाकर उसकी अमूल्य जान बचाएं।
सांप डंसने पर दो स्पष्ट गहरे दंत-चिह्न बनते हैं :
विषैले सांप के काटने पर सामान्यतया दो स्पष्ट गहरे दंत-चिह्न बनते हैं, जबकि विषहीन सांप के काटने पर केवल खरोंच जैसे छोटे निशान रह जाते हैं, जिसकी सही पहचान करना आवश्यक है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि विषैले सांप के काटने पर भी घबराएं या भयभीत न हों, क्योंकि हर बार पूरा जहर व्यक्ति के शरीर में प्रवेश नहीं कर पाता है।
बोले अधिकारी
सांप के डंसने से मौत का एक ही मामला आपदा कार्यालय में दर्ज है। सांप के काटने से मौत के बाद लोग शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाते हैं। इसलिए अंचलाधिकारी के द्वारा रिपोर्ट नहीं की जाती है। पोस्टमार्टम कराने पर पीड़ित परिवार को चार लाख की मदद भी मिलती है। लोग ओझा गुणी के चक्कर में देर न कर इंजेक्शन लगाएं।
-प्रणव कुमार, सहायक आपदा प्रबंधन अधिकारी, पूर्णिया।


