Bhagalpur News: हवाई अड्डा क्षेत्र में ऊंचे भवनों को नोटिस पर भड़के लोग, आज नगर निगम का घेराव
Bhagalpur News: उग्र आंदोलन की चेतावनी से लेकर न्यायालय जाने पर बनी सहमति हवाई अड्डे के पास

Bhagalpur News: भागलपुर, वरीय संवाददाता। भागलपुर हवाई अड्डे के आसपास मानक से अधिक ऊंचे बने भवनों को नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश है। निगम ने करीब 845 ऐसे भवनों की सूची तैयार की है, जिनके स्वामियों को समुचित दस्तावेजों के साथ अलग-अलग तिथियों में निगम कार्यालय तलब किया गया है। इस कार्रवाई के विरोध में रविवार को नोटिस प्राप्त भवन स्वामियों ने तिलकामांझी (वार्ड संख्या 31) के हनुमान पथ स्थित एक विवाह भवन परिसर में आपात बैठक की। बैठक में भारी संख्या में प्रभावित लोगों ने हिस्सा लिया और आगे की रणनीति तय करने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप का गठन भी किया।
बैठक में स्थानीय नागरिकों की चिंताएँ
वार्ड संख्या 31 के निवासी मुकेश मिश्रा की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में लोगों ने नगर निगम और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। स्थानीय नागरिकों का कहना था कि करीब डेढ़ दशक पहले भी हवाई अड्डे को चालू करने का ऐसा ही निर्णय लिया गया था, जिसे बाद में जनविरोध की वजह से प्रशासन को वापस लेना पड़ा था। लोगों ने पूछा कि आखिर 15 साल बाद फिर से उसी पुराने और अव्यावहारिक निर्णय को जनता पर क्यों थोपा जा रहा है? बैठक में सबसे बड़ा सवाल होल्डिंग टैक्स को लेकर उठा। आक्रोशित गृह स्वामियों ने कहा कि नगर निगम सालों से उनके भवनों के आकार और ऊंचाई का भौतिक सत्यापन करके होल्डिंग टैक्स वसूल रहा है। जब तक टैक्स लेना था, तब तक ये भवन वैध थे, लेकिन अब अचानक इन्हें अवैध या मानक के विपरीत कैसे करार दिया जा सकता है? लोगों ने निगम पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि इस कार्रवाई का दायरा जानबूझकर केवल वार्ड संख्या 31 तक सीमित रखा गया है, जबकि हवाई अड्डे के आसपास के अन्य इलाकों में भी सैकड़ों ऊंचे भवन मौजूद हैं, जिन्हें छोड़ दिया गया है।
नगर आयुक्त से मुलाकात
आज नगर आयुक्त से मुलाकात, जरूरत पड़ी तो जाएंगे न्यायालय
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सोमवार को सैकड़ों की संख्या में प्रभावित लोग नगर निगम कार्यालय पहुंचकर नगर आयुक्त का घेराव करेंगे और उनसे सीधे जवाब मांगेंगे। लोगों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि इस तानाशाही फैसले को वापस नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन को विवश होंगे और न्याय के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। इस बैठक में मुख्य रूप से निरंजन पोद्दार, ललन पांडेय, शैलेश मिश्रा, गौरव राय, अवधेश तिवारी, महेंद्र मंडल, अमित झा, पिंटू झा, गुड्डू मिश्रा, तेजनारायण गुप्ता, पवन राय, सूरज पासवान, साकेत कुमार और मिंटू मंडल सहित आदि उपस्थित थे.


