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बोले मुंगेर : नाले और सड़क की बदहाली से पंचायत की जनता बेहाल

बोले मुंगेर : नाले और सड़क की बदहाली से पंचायत की जनता बेहाल

संक्षेप: धरहरा प्रखंड के औड़ाबगीचा पंचायत के लोग बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे हैं। नाले और सड़क की बदहाली, अधूरी नल-जल योजना, पीएम आवास का लाभ न मिलना, और स्वच्छता व्यवस्था की कमी जैसी समस्याएं यहां के लोगों के लिए गंभीर चिंता का विषय हैं। युवा रोजगार के अभाव में पलायन कर रहे हैं।

Sun, 16 Nov 2025 01:48 AMNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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-प्रस्तुति: गौरव कुमार मिश्रा धरहरा प्रखंड अंतर्गत औड़ाबगीचा पंचायत के लोग आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। नाले और सड़क की बदहाली, अधूरी नल-जल योजना, पीएम आवास का लाभ न मिलना, स्वच्छता व्यवस्था की कमी, आंगनबाड़ी केंद्र की लापरवाही, बिजली और सोलर लाइट की समस्या यहां के लोगों की बड़ी परेशानी बनी हुई है। बरसात के दिनों में जलजमाव और कीचड़ से हालात और भी बिगड़ जाते हैं। वहीं, रोजगार के अभाव में युवा पलायन को मजबूर हैं। स्थानीय लोग बार-बार शिकायत करने के बावजूद केवल आश्वासन पाकर नाराज हैं और ठोस समाधान की मांग कर रहे हैं। औड़ाबगीचा पंचायत के लोगों को आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

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संवाद में लोगों ने बताया कि, नाले, सड़क, नल-जल योजना, स्वच्छता और आंगनबाड़ी केंद्र की अव्यवस्थित व्यवस्था से हम लोग काफी परेशान हैं। बरसात के मौसम में यहां की समस्याएं और विकराल रूप ले लेती हैं। नाले का निर्माण कराया गया है, लेकिन उसकी सफाई और कवरिंग की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। खुले नाले के कारण बच्चे गिर जाते हैं और मोहल्ले में जल-जमाव की स्थिति बनी रहती है। वहीं, कई गलियों में अब तक सड़क और नाले का निर्माण नहीं हो पाया है, जिससे बारिश के समय कीचड़ जमा होकर लोगों की आवाजाही मुश्किल बना देता है। यही नहीं, यहां नल-जल योजना भी अधर में लटकी हुई है। कई घरों तक पाइपलाइन नहीं पहुंची है और जहां कनेक्शन है, वहां टूटे नल के कारण पानी की आपूर्ति बाधित रहती है। इसकी शिकायत के बाद भी केवल आश्वासन ही दिया जाता है। उनका कहना था कि, यहां करीब 60 घर ऐसे हैं, जिन्हें आज तक पीएम आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। लोग ब्लॉक कार्यालय का चक्कर लगाते हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पाता है। साफ-सफाई की व्यवस्था के अभाव में गंदगी और मच्छरों की समस्या बढ़ रही है। लेकिन, गांव में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव तक नहीं किया जाता है। यही नहीं, यहां आंगनबाड़ी केंद्र भी खानापूर्ति का शिकार है। यहां न तो बच्चों को पोषण आहार मिल रहा है और न ही शैक्षणिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। आंगनबाड़ी केंद्र घर के अंदर चलने की वजह से बच्चे और महिलाएं योजनाओं से वंचित रह जाते हैं। रोजगार की समस्या भी गंभीर है। अधिकांश युवा पलायन कर चुके हैं। सोलर लाइट की लंबे समय से है समस्या गांव में बिजली और सोलर लाइट की समस्या लंबे समय से लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। वार्ड -8 में अब तक सोलर लाइट नहीं लगाई गई, जबकि पास के वार्ड में जो लाइट लगी थी, उनमें से कई महीनों से खराब पड़ी हैं। अंधेरे के कारण ग्रामीणों को रात के समय आवागमन में दिक्कत होती है और असामाजिक तत्वों का डर भी बना रहता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार इसकी शिकायत पंचायत प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों से की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। वहीं, औड़ाबगीचा मुख्य मार्ग पर नाले के निर्माण कार्य में भी भारी लापरवाही सामने आई है। निर्माण स्थल पर ठेकेदार द्वारा सड़क किनारे मिट्टी और मलबा छोड़ देने से राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। बारिश के दिनों में यह मिट्टी सड़क पर फैल जाती है, जिससे वाहन फिसलने और दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। लोगों की बढ़ती जा रही हैं परेशानियां खोसालपुर गांव में सबसे बड़ी समस्या सड़क और नाले की है। कई गलियों में अब तक न तो पक्की सड़क बनी है और न ही नाले का निर्माण हुआ है। बरसात के दिनों में गली किचड़ से भर जाती है, जिससे लोगों का चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। जो नाला बना भी है, उसकी सफाई और कवरिंग का कोई प्रबंध नहीं है। खुले नाले में अक्सर बच्चे गिर जाते हैं। वहीं, मुख्य सड़क पर भी जलजमाव की समस्या बनी रहती है। आंगनबाड़ी, स्वच्छता और बिजली की समस्या आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों को समुचित पोषण आहार नहीं मिलता है और न ही शिक्षा मिलती है। केंद्र घर के अंदर चलने के कारण लाभुकों को योजनाओं से वंचित रखा जाता है। वहीं, मोहल्ले में साफ-सफाई की भी कोई व्यवस्था नहीं है। यहां बिजली और सोलर लाइट की समस्या भी बनी हुई है। गांव के वार्ड - 7 में सोलर लाइट नहीं लगी है और वार्ड - 8 में लगी लाइट खराब हो चुकी है। इससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। नल-जल योजना अधूरी पड़ी गांव में नल-जल योजना का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है। गांव के लगभग 60 घरों तक अबतक पानी की पाइपलाइन नहीं पहुंची है। जहां पाइपलाइन बिछाई गई है, वहां भी कई स्थानों पर नल टूटे हुए हैं और पानी की आपूर्ति अक्सर बाधित रहती है। इस वजह से ग्रामीणों को पेयजल की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोग निजी कुओं या हैंडपंपों पर निर्भर हैं, जिससे ग्रीष्मकाल के दिनों में परेशानी और बढ़ जाती है। ग्रामीण बताते हैं कि बार-बार शिकायत के बावजूद विभाग के अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन ही दिया जाता है, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती। इससे लोगों में गहरी नाराजगी है। गांव के कई वार्डों में पाइपलाइन बिछाने का कार्य महीनों से बंद पड़ा है और जिम्मेदार एजेंसी का कोई प्रतिनिधि स्थल पर दिखाई नहीं देता। इसी तरह, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कई पात्र गरीब परिवार अब भी लाभ से वंचित हैं। आवेदन स्वीकृत होने के बाद भी भुगतान नहीं मिला है, जबकि आवास निर्माण की दूसरी किस्त का इंतजार लंबे समय से जारी है। हमारी भी सुनें वार्ड -8 में सड़क और नाले की समस्या है। बरसात में सड़क पर कीचड़ भर जाता है और गंदा पानी सड़क पर बहने लगता है। साफ सफाई होनी चाहिए। -पवन सड़क किनारे नाला बनाया गया है लेकिन उसे कवर नहीं किया गया है। इसी कारण बच्चे खेलते-खेलते नाले में गिर जाते हैं। इससे परेशान हैं। -यशोदा देवी मेरी गली में अबतक सड़क और नाले का निर्माण नहीं हुआ है। बरसात में जलजमाव के कारण लोग घर से बाहर नहीं निकल पाते हैं। -उषा देवी यहां रोजगार की कोई व्यवस्था नहीं है। बिना पूंजी के बेरोजगार युवक दिनभर समय काटते रहते हैं। स्थानीय स्थानीय स्तर पर रोजगार चाहिए। -शिवम कुमार हमारा घर कच्चा है और बरसात में छत से पानी टपकता है। आवास योजना में भी रिश्वत की मांग की जाती है। मुझे आवास योजना का लाभ दिया जाए। -कौशल्या देवी सरकार को महिलाओं के लिए काम की व्यवस्था करनी चाहिए। ताकि शिक्षित और अशिक्षित महिलाएं भी घर चलाने में सक्षम हों। -गंजा देवी मोहल्ले में स्वास्थ्य केंद्र की कोई व्यवस्था नहीं है। यहां बीमार पड़ने वाले लोगों को धरहरा से मुंगेर रेफर किया जाता है। इससे परेशानी होती है। -सुलेखा कुमारी वृद्धावस्था पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। जानकारी के अभाव में लोग पेंशन के लिए भटकते रहते हैं। आसानी से योजना का आवेदन लिया जाए। -हिना देवी बरसात के दिनों में जलजमाव की समस्या बनी रहती है। नाले की ठीक से देखभाल न होने से वह अक्सर जाम हो जाता है। नाले को कवर किया जाए। -बिंदो देवी फूस के मकान में किसी तरह जीवन काट रहे हैं। बरसात में पानी टपकता है। हमें भी आवास योजना का लाभ चाहिए। बिचौलियों से ब्लॉक को मुक्त किया जाए। -फूलो नाले का निर्माण तो हुआ है लेकिन सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। इसी कारण नाला जाम होकर लोगों को परेशानी देता है। नाले से बदबू भी आती है। -रवींद्र कुमार आज भी कई लोग फूस के घरों में रहने को मजबूर हैं। मजदूरी करने वालों के पास पक्का मकान बनाने के लिए पैसे नहीं हैं। -पप्पू यादव धरहरा का स्वास्थ्य केंद्र केवल रेफरल अस्पताल बनकर रह गया है। यहां से मरीजों को मुंगेर और फिर भागलपुर या पटना भेज दिया जाता है। केंद्र में ही बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था किया जाए। -पीयूष कुमार कई गरीब परिवारों का अबतक राशन कार्ड नहीं बना है। मजदूरी करने वाले इन परिवारों को इसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। -सीता देवी नल-जल योजना का लाभ लोगों तक नहीं पहुंच रहा है। कई घरों में पाइप टूटी के बिना ही पड़े हुए हैं। जल्द से जल्द नल जल के कनेक्शन को सही किया जाए। -ज्योति पासवान औड़ाबगीचा मुख्य सड़क किनारे नाला बनाया जा रहा है। संवेदक नाले की मिट्टी सड़क पर डाल रहा है जिससे वाहनों को परेशानी हो रही है। -शैलेंद्र प्रसाद सिंह, पैक्स अध्यक्ष बोले जिम्मेदार हमारे पंचायत में विकास कार्य बहुत हुए हैं। वार्ड - 9 में सड़क और नाले की समस्याएं है। जहां तक सफाई का मामला है तो मैंने अपने निजी कोष से नाले की सफाई करवाई है। सरकार द्वारा योजना की राशि ही नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण विकास कार्य में समस्याएं आ रही हैं। बांकी जहां-जहां समस्या है और आपके द्वारा संज्ञान में आया है, मैं उसको दिखवा लेता हूं। -सुबोध यादव, मुखिया, औड़ाबगीचा शिकायत 1. कई गालियों में अबतक सड़क और नाले का निर्माण नहीं हो सका हैै। 2. 40 घरों तक नल-जल योजना का कनेक्शन नहीं पहुंचा है। 3. 60 गरीब परिवार प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाने के बावजूद अबतक आवास योजना लाभ से वंचित हैं। 4. आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों और महिलाओं को समुचित पोषण आहार नहीं मिल रहा है। 5. गांव के वार्ड - 8 में अबतक सोलर लाइट नहीं लगी है, जबकि अन्य वार्डों में लाइट खराब है। सुझाव 1. सभी गालियों में पक्की सड़क व नाले का निर्माण कराया जाए। 2. नल-जल योजना के अधूरे कनेक्शन को पूरे किए जाएं। 3. पात्र परिवारों की सूची का पुनः सत्यापन कर उन्हें आवास योजना का लाभ दिया जाए। 4. पोषण आहार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र मजबूत किया जाए। 5. गांव के हर वार्ड में सोलर लाइट लगाई जाए, खराब लाइटों की मरम्मत हो तथा नाले-गली में नियमित सफाई और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया जाए।