बोले जमुई : तूफान में खतरनाक तारों से हो सकती है बड़ी दुर्घटना
जमुई शहर के वीआईजी कॉलोनी और सिंगरपुर गांव में 11 केवी के नंगे तारों ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। ये तार घरों के ऊपर और नजदीक से गुजर रहे हैं, जिससे लोग डर में जी रहे हैं।...

प्रस्तुति : असद खान
जमुई शहर के थाना चौक के पूर्व मोहल्ला, वीआईजी कॉलोनी, बिजली ऑफिस के आसपास और सिंगरपुर गांव से गुजर रहे 11 केवी के नंगे तार ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को दहशत में डाल दिया है। कुछ जगहों पर ये खतनाक तार सीधे घरों की छतों के बीच, दरवाजों के ऊपर और घर बनाने योग्य जमीन के करीब से गुजर रहे हैं। इससे लोग दिन-रात भयभीत रहते हैं कि कहीं अनहोनी न हो जाए। पहले भी कई बार करंट लगने और तार गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। आशंका की बात यह है कि तारों के छूने से पेड़ भी जल गए हैं। स्थानीय लोग बार-बार बिजली विभाग को इस समस्या की जानकारी दे चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ।
स्थानीय लोगों का कहना है कि तार से सुरक्षित रहना उनके लिए लगातार एक बड़ी चुनौती है। वे बच्चों पर चौबीसों घंटे नजर रखे रहते हैं ताकि कोई हादसा न हो। आंधी-तूफान और बारिश के मौसम में उनका भय और भी बढ़ जाता है। कई बार करंट लगने की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिनमें एक-दो बार तार गिरने से अफरातफरी की स्थिति भी बन गई थी। इस क्षेत्र के निवासी लल्लू खान ने बताया कि उनके घर की छत के बीचों-बीच से यह तार गजर रहा है जो अत्यंत खतरनाक है। उन्होंने विभाग को तार हटाने के लिए आवेदन भी दिया, लेकिन विभाग ने इसे हटाना उचित नहीं समझा। मोहल्ला के लोगों ने यह भी बताया कि तार के कारण कई घरों का निर्माण अधूरा पड़ा है क्योंकि लोग अपने परिवार की सुरक्षा के लिए आगे बढ़ने में डरते हैं। दो साल पहले तो तार दरवाजे के सामने गिर गई थी, जिसमें कोई जान-माल की हानि नहीं हुई, लेकिन यह हर समय संभावित हादसे का कारण बना रहता है।
स्थानीय निवासी अब विभाग से मांग कर रहे हैं कि या तो कवर तार किया जाए या फिर इसे भूमिगत किया जाए ताकि जीवन सुरक्षित हो सके। शहरवासी बताते हैं कि जमुई पॉवर ग्रिड से निकलने वाला यह 11 केवी का तार कई जगहों पर खेत, बगीचों और गांव के बीच से होकर गुजरता है। ग्रामीण क्षेत्र में सही ऊंचाई पर बिजली पोल न होने के कारण यह तार लोगों के घरों और खेतों के बेहद नजदीक से गुजर रहा है, जिससे लोगों में आतंक फैला हुआ है। कई लोग हाईटेंशन तार की चपेट में आने से घायल और कुछ की मौत भी हो चुकी है, जिससे समुदाय में भारी चिंता व्याप्त है। अधिकांश ग्रामीणों ने बताया कि बिजली विभाग को सड़कों के किनारे पोल लगाकर इस तार को पर्याप्त ऊंचाई पर लगाना चाहिए ताकि ग्रामीण सुरक्षित रह सकें। वे बार-बार विभाग को मौखिक और लिखित शिकायतें कर चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। हाईटेंशन तार की वजह से कई बार शॉर्ट सर्किट होते रहते हैं, जिससे पूरे गांव में बिजली सप्लाई बाधित हो जाती है। बरसात के दिन पेड़ से टकराने वाले तारों से चिंगारी निकलती है, जो आग लगने का खतरा भी पैदा करती है। राजेंद्र यादव और मो. गोल्डन खान जैसे निवासी बताते हैं कि बिजली की आपूर्ति के लिए हाईटेंशन तार जरूरी है, लेकिन इसके लिए उचित सुरक्षा इंतजाम करना बिजली विभाग की जिम्मेदारी है। वे कहते हैं कि उनके घर के पास से गुजर रहा 11 केवी का तार हमेशा उनके लिए खतरनाक बना रहता है और मन में डर लगा रहता है कि कब कोई हादसा हो जाए।
स्थानीय लोग चिंता और असुरक्षा की स्थिति में
स्थानीय लोगों की यह भी मांग है कि अगर पोलों पर तार लगाना संभव न हो तो अंडरग्राउंड केबलिंग का विकल्प अपनाया जाए, जिससे घरों और खेतों के ऊपर खतरनाक तार न गुजरें और लोगों का जीवन सुरक्षित रहे। तार के कारण कई बार झगड़े और विवाद भी हुए हैं, क्योंकि लोग अपने घरों और खेतों के बीच से तार गुजरने के कारण परेशान हैं और इसका समाधान चाहते हैं। इस समस्या के कारण इलाके में रहने वाले सभी लोग चिंता और असुरक्षा की स्थिति में हैं। पुराने मामले सामने आ चुके हैं जिसमें तारों की वजह से करंट लगने, झगड़े और आंशिक नुकसान हुआ है। बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर लगातार खतरा बना रहता है।
विभाग निराकरण में बरत रहा उदासीनता
इस इलाके के बुजुर्ग बताते हैं कि चार-पांच वर्ष पूर्व से ही यह समस्या लगातार सिर उठाए हुए है, लेकिन बिजली विभाग इसके निराकरण में उदासीनता बरत रहा है। स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम न उठाने के कारण लोग हमेशा खतरनाक बिजली तारों के साए में जीने को मजबूर हैं। क्षेत्र में मौजूद बिजली अधिकारियों के औपचारिक निरीक्षण और माप-तौल के बाद भी कोई सुधारात्मक कार्रवाई होती नहीं दिख रही। सड़क किनारे के बिजली पोलों की ऊंचाई कम होने के कारण तार झुके हुए हैं और तेज हवा या तूफान में ये तार झटका देने लगते हैं, जो लोगों के लिए और भी खतरनाक हो जाता है।
पोलों की ऊंचाई बढ़ाकर तार को करें सुरक्षित
कई बार आस-पास के पेड़ तारों से टकराकर टूट जाते हैं, जिससे चिंगारी निकलती है और आग लगने का खतरा उत्पन्न होता है। ग्रामीण इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए व्यग्र हैं। इस पूरे मामले में बिजली विभाग का रवैया निराशाजनक रहा है। स्थानीय शिकायतों के बावजूद विभाग ने तार हटाने या सुरक्षात्मक उपायों को लागू करने में कोई ठोस पहल नहीं की है। लोगों का विश्वास टूट रहा है और वे आशंका व्यक्त करते हैं कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही शायद विभाग जागेगा। उन्होंने सुझाव दिया है कि सबसे पहले तार को मोहल्ला और गांव के किनारे स्थित बिजली पोलों पर स्थानांतरित किया जाए। पोलों की ऊंचाई बढ़ाकर हाईटेंशन तार को सुरक्षित किया जाना चाहिए।
जनता की आवाज
आबादी वाले इलाके से गुजर रहे 11 केवी तार को हटाकर स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए। तार से बच्चों के साथ आसपास के लोगों को जान का खतरा बना रहता है।
-राजेंद्र यादव
वीआईवी कॉलोनी व सिंगरपुर समेत तार कई गांवों से होकर गुजरा है। हाईटेंशन तार के किसी मकान के बीच या छत के नजदीक से गुजरना सही नहीं है।
-दिनेश केशरी
कई लोग हाईटेंशन तार की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। करंट लगने की सूचना मिलने के बाद भी बिजली विभाग द्वारा बिजली नहीं काटी जाती है।
-मो. मुमताज
11 केवी तार घर के बीच से गुजरने के कारण कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कई बार तार से चिंगारी उठने लगती है। जिससे लोगों में डर का माहौल है।
-झबली सिंह
हाईटेंशन तार घर के आंगन से गुजरा है। इसके कारण थोड़ी सी भी बारिश होने पर आंगन में बिजली के झटके और झनझनाहट महसूस होने लगता है।
- विनय केशरी
बारिश के दिनों में 11 केवी तार के कारण परेशानी और बढ़ जाती है। लोग घर से बाहर निकलने से हमेशा डरे सहमे रहते हैं। जिस कारण लोग परेशान रहते हैं।
-मुन्ना लहेरी
घर के आंगन, छत के ऊपर और घरों की दीवार से सटे 11 केवी का तार गुजरने के कारण परिवार के सभी सदस्यों को अनहोनी सताते रहती है। यह बहुत गंभीर स्थिति है।
-अशोक सिंह
11 केवी का तार घर से गुजरने के बाद ऊपरी तल घर मकान नहीं बना पा रहे हैं। खाली जमीन पर भी मकान बनाने में दिक्कत हो रही है। कभी जरूरत पड़ने पर छत पर जाना पड़ता है।
-मो. गोल्डन खान
हाईटेंशन तार के बिल्कुल पास ट्रांसफार्मर लगा पोल झुककर टेढ़ा हो गया है। पोल कभी भी हाईटेंशन तार पर गिर सकता है। इलाके में बड़ा हादसा हो सकता है।
-मो. बब्लू
हाईटेंशन बिजली तार की चपेट में आने से कई मवेशी और लोग घायल हो चुके हैं। विभाग को चाहिए कि जहां कही भी तार झुका हुआ है, उसे जल्द से जल्द दुरूस्त कराएं।
-मो. टून्नू खान
कई वर्षों से इस इलाके के लोग बिजली के तार के दहशत में जीने को विवश हैं। हाईटेंशन तार उनके घर के बगल से गुजरा है। इसके कारण हमेशा डर का माहौल बना रहता है।
-मो. शाहिद
11 केवी तार की चपेट में आने से कई मवेशी और मजदूर की मौत चुकी है। लेकिन विभाग हाईटेंशन तार को घर की छतों और आंगन के बीच से हटाने को तैयार नहीं है।
-मो. सरफराज आलम सोनू
गांव के बहियार में कई स्थानों पर हाईटेंशन के झुके रहने के कारण लोगों को खेती-बाड़ी करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बिजली तार को ऊंचा किया जाए।
-मो. सेराज आलम
गांव के बहियार में बिजली तार के झुके होने के कारण कई बार मवेशी उसकी चपेट में आ जाता है। जिस कारण उसकी मौत हो जाती है। तार को दुरूस्त किया जाए।
-चंदन लहेरी
बिजली तार की चपेट में आने से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। विभाग जल्द समाधान करेेे। जिससे लोगों को राहत मिले। अन्यथा लोग सड़क पर उतरने को विवश होंगे।
- रंजीत मोदी
घर की छतों से गुजरे हाईटेंशन को हटाया जाना चाहिए या फिर भूमिगत करना चाहिए। ताकि लोगों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। विभाग इस ओर ध्यान दे।
- सहदेव केशरी
बोले िजम्मेदार
किसी भी स्थान पर बिजली तारों की शिफ्टिंग के लिए स्थानीय लोगों के आवेदन पर तभी विचार-विमर्श किया जाता है जब तकनीकी रूप से वह संभव हो और शिफ्टिंग का खर्च आवेदक स्वयं वहन करें। जिस मार्ग से बिजली का तार गुजरा हो, उसके नीचे भवन निर्माण करना नियमों के विरुद्ध है। बिजली व्यवस्था जनहित का मामला है और इसे बंद नहीं किया जा सकता।
-संजीव कुमार, कार्यपालक अभियंता, जमुई
शिकायत
1. हाईटेंशन तार की चपेट में आने पर भी बिजली विभाग को फोन करने के बावजूद तुरंत बिजली नहीं काटी जाती है।
2. 11 केवी तार घरों के बिल्कुल पास और छतों से होकर गुजरा है। लोग अपना घर भी नहीं बना पा रहे हैं।
3. बारिश के दौरान हाईटेंशन तार जहां से गुजरा है, वहां करंट का झटका महसूस होता है। इससे लोगों में डर बना रहता है।
सुझाव
1. घनी आबादी के बीच से हाईटेंशन तार गुजरा है। उसे हटाकर व्यवस्थित करना चाहिए। जिससे लोग मकान का निर्माण कर सकें।
2. सड़क किनारे पोल लगाकर हाईटेंशन तार को व्यवस्थित किया जाना चाहिए।
3. हाईटेंशन तार से करंट लगने से संबंधित सूचना मिलने पर विभाग को त्वरित कार्रवाई कर बिजली सप्लाई काट देनी चाहिए। जिससे कोई बड़ा हादसा टल जाए।
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