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आजादी के बाद पहली बार 1952 में हुए लोकसभा चुनाव में मुंगेर से चुने गये थे चार सांसद

munger lok sabha 2019

हिंदुस्तान की आजादी से पहले मुंगेर जिले का नाम इतिहास के पन्नों पर स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाता था। आजादी के बाद जैसे-जैसे वर्ष बीतता गया मुंगेर का इतिहास और जिला भी सिमटता चला गया। 1952 में पहला लोकसभा चुनाव हुआ, तो मुंगेर जिले से चार सांसद चुने गए थे। 

इसके बाद 1957 और 1962 के लोकसभा चुनाव में जिले से दो सांसद चुने गए थे। 1967 से मुंगेर लोकसभा में एक सांसद चुने जाने लगे। मुंगेर जिला से काटकर पांच नए जिले को बनाया गया।

मुंगेर में थे चार लोकसभा क्षेत्र
1952 में प्रथम लोकसभा चुनाव में मुंगेर जिले में मुंगेर नॉर्थ-वेस्ट, साउथ-ईस्ट, मुंगेर सदर सह जमुई एससी एवं मुंगेर सदर सह जमुई जनरल लोकसभा क्षेत्र थे। मुंगेर नॉर्थ-वेस्ट से सोशलिस्ट पार्टी के पंडित सुरेश चंद्रा, मुंगेर साउथ-ईस्ट लोकसभा से कांग्रेस प्रत्याशी मथुरा प्रसाद, मुंगेर सदर सह जमुई एससी से नयन तारा और मुंगेर सदर सह जमुई जनरल से बनारसी प्रसाद सिन्हा सांसद चुने गए थे। 

1957 में मुंगेर से दो लोक सभा क्षेत्रों को काट दिया गया। 1967 में मुंगेर जिले के अधीन एक ही मुंगेर लोकसभा क्षेत्र बचा, इससे 1967 में मधुलिमिए सांसद चुने गए।

मुंगेर प्रमंडल के अधीन हैं चार लोकसभा क्षेत्र
1952 में मुंगेर लोकसभा से चार सांसद चुने जाते थे। 2019 में भी मुंगेर से चार सांसद चुने जाएंगे। बस फर्क इतना है, कि 1952 में मुंगेर जिले से चार सांसद चुने जाते थे। 2019 में मुंगेर प्रमंडल से चार सांसद चुने जाएंगे। मुंगेर  जिले का दायरा 1976 से सिमटना प्रारंभ हो गया। 1976 में बेगूसराय, 1988 में खगड़िया, 1991 में जमुई और 1994 में लखीसराय व शेखपुरा को मुंगेर से काटकर नया जिला बनाया गया। 
 

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  • Web Title:Reminisce of Lok Sabha elections: Four MPs were elected from Munger for first time since independence in 1952