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VIDEO: भीषण बाढ़ में राहत भरी खबर: गुम हुई किशोरी छह दिन बाद परिजनों से मिली

किशनगंज में आई भयावह बाढ़ के दौरान गुम हुई किशोरी
किशनगंज में आई भयावह बाढ़ के दौरान गुम हुई किशोरी

कोसी और सीमांचल में आपदा बनी बाढ़ में अब तक सिर्फ तबाही की ही खबरें देखने और सुनने को मिली हैं। इन सब के बीच ये खबर राहत देने वाली है। दरअसल किशनगंज में आई भयावह बाढ़ के दौरान गुम हुई किशोरी छह दिन बाद कटिहार में व्हाट्सएप के जरिए अपने परिजनों से मिली।

किशनगंज जिला के बहादुरगंज प्रखंड के गरगांव नया टोला में 16 अगस्त की अहले सुबह तीन बजे बाढ़ ने ऐसी तबाही मचायी कि किशोरी सितार खातुन अपने पिता और भाई से बिछड़ गई। बाढ़ के डर से सितारा खातून 125 किमी दूर कटिहार पहुंच गयी। उधर पानी घटने के बाद पिता नौशाद अली और भाई मो. असरफ सितारा खातून की तस्वीर को लेकर किशनगंज में इधर-उधर भटक रहे थे। इसी दौरान स्थानीय नेताओं के व्वाट्स एप पर सितारा की जानकारी मिली जिसे उन्होंने उसके पिता और भाई को दी। और यह भी कहा कि लड़की अब भी जिंदा है।

सूचना मिलते ही पिता और भाई 21 अगस्त को कटिहार जिला के विनोदपुर पंचायत के पूर्व मुखिया अब्दुल सलाम के घर पहुंच गए। मो. अब्दुल सलाम ने कहा कि लड़की पिता और भाई को पहचानती है। उन लोगों ने अपने साथ सितारा का आधार कार्ड भी लाया था। जिससे मिलान करने पर लड़की सितारा खातून उन लोगों को सौंप दिया गया।

घटना को लेकर सितारा खातून ने बताया
घटना को लेकर सितारा खातून ने बताया कि 16 अगस्त की अहले सुबह तीन बजे के करीब अचानक से बाढ़ आयी। नींद खुली तो चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ था। सभी इधर-उधर भाग रहे थे। मेरा घर बह गया था। मैं एक चौकी पर थी। मैं सीने भर पानी से जैसे-तैसे बाहर निकली। मेरे चारों तरफ कोई नहीं था। पिता-भाई और मां कोई नहीं। जैसे-तैसे फिर मैं बहादुरपुर होते हुए किशनगंज पहुंची। किशनगंज में एक महिला मिली। मैंने उससे कहा कि बाढ़ में मेरे परिवार का कोई नहीं बचा। मैं किसके पास रहूंगी। मां, पिता, भाई और उसके बच्चे बह गए हैं। मुझे अपने साथ रख लो। आदिवासी महिला 15 वर्षीय सितारा खातून को अपने साथ विनोदपुर पंचायत स्थित अपने घर लेकर आ गयी। आगे की स्लाइड में देखिए वीडियो-

 

पिता और भाई और इधर सितारा एक दूसरे को मरा हुआ समझ रहे थे, मगर आस थी
पिता और भाई और इधर सितारा एक दूसरे को मरा हुआ समझ रहे थे, मगर आस थी

आदिवासी महिला को पता चला कि लड़की मुस्लिम है। तो उन्होंने पंचायत के पूर्व मुखिया से संपर्क कर लड़की उनके हवाले कर दिया। पूर्व मुखिया अब्दुल सलाम ने बताया कि लड़की के घर में आते ही उससे नाम पता पूछा गया। लड़की के बताए नाम पता और उसकी तस्वीर को इमरान अली ने व्वाट्स एप पर डाल दिया। इसके अलावा किशनगंज में स्थानीय नेताओं से भी संपर्क किया गया। तब पता चला कि लड़की के पिता और भाई जिंदा है। और वे लोग भी किशनगंज में मारे-मारे फिर रहे हैं। फिर उन लोगों तक सूचना पहुंचायी गयी तो लड़की के पिता नौशाद अली और भाई मो. असरफ विनोदपुर पंचायत पहुंचे है। बच्ची उनको सौंप दी गयी।

वो मेरे पांव पकड़कर रोने लगी मैं क्या करती
सितारा को किशनगंज से अपने साथ विनोदपुर पंचायत लाने वाली महिला ने कहा कि सितारा के कपड़े भींगे थे। वो बेसुध थी। उसने मेरे पांव पकड़ लिए। मेरी समझ में कुछ नहीं आया। मैं उसे अपने साथ ले ली। वो मुस्लिम थी। इसलिए मैंने उसे मो. अब्दुल सलाम को सौंप दी। और कहा कि वो इनके पिता और भाई को ढूढ़कर उनके हवाले कर दे। दोनों एक दूसरे को मरा हुआ समझ रहे थे।
 
बहादुरपुर प्रखंड के गरगांव नया टोला के रहने वाले नौशाद अली ने बताया कि वे लोग मजदूरी करके अपना घर चलाते हैं। बाढ़ में आयी तबाही के बाद से अभी सड़क पर ही रह रहे हैं। पानी उतरने के बाद फिर से घर बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सामान छोड़कर बेटी को ढूंढ़ने में लगे हुए थे। क्योंकि हमें डर था कि अगर वो बह गयी है। तो उसकी लाश तो मिले। वहीं सितारा भी समझ रही थी कि हमलोग नहीं रहे। 

बाढ़ की वजह से एक पिता और बहन मिली 
पांचवी तक पढ़ी सितारा ने कहा कि उसे लगा कि अब उसका कोई सहारा नहीं है। इसलिए वो यहां तक पहुंच गयी। बाढ़ ने उसका सबकुछ छीन लिया। मगर मो. सलाम जैसा एक पिता दिया और मुस्कान जैसी एक बहन। उसने कहा कि वो फिर एक बार यहां पर आना चाहेगी। 

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