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लोकसभा चुनाव करा लौट रहे जवानों ने ट्रेन में बर्थ पर किया कब्जा, यात्रियों का हंगामा

saharsa  rampage and resistance of passenger due to captured berth by armed soldiers armed soldiers

कोसी क्षेत्र में लोकसभा चुनाव संपन्न करा लौट रहे हथियारबंद जवानों ने मंगलवार की देर रात जनहित एक्सप्रेस के एसी और स्लीपर कोच पर कब्जा जमा लिया। यात्रियों के समझाने पर भी जब जवानों ने आरक्षित बर्थ खाली नहीं किया तो आक्रोशित और परेशान यात्रियों ने सहरसा स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर हंगामा मचाया।

स्टेशन डायरेक्टर प्रेम कुमार, एसएस नीरज चंद्र, आरपीएफ इंस्पेक्टर सारनाथ और रेल थानाध्यक्ष मो. मोजम्मिल से मिलकर अपनी परेशानी बताई। इन अधिकारियों ने पहुंचकर जवानों से मिलकर बर्थ खाली कराने की कोशिश की, लेकिन सैकड़ों की संख्या में कब्जा जमाए जवान आरक्षित बर्थ खाली करने के लिए तैयार नहीं थे। स्थानीय रेल अधिकारियों ने डीआरएम से लेकर डीजीपी कंट्रोल और एडीजी कंट्रोल तक को इसकी सूचना दी। स्थानीय स्तर पर एसपी, सदर एसडीओ और सदर एसडीपीओ को भी टेलीफोनिक सूचना देकर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आने का अनुरोध किया गया।

बताया जा रहा है कि समस्तीपुर मंडल के डीआरएम आर. के. जैन ने यात्री सुविधा को खयाल में रखते यात्रियों को आरक्षित बर्थ दिलाए बिना सहरसा से ट्रेन नहीं चलाने का आदेश दिया। इस बीच स्थानीय रेल अधिकारी यात्रियों के आक्रोश को कम करने में लगे रहे। जिला प्रशासन की ओर से पहुंचे सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी ने कब्जा जमाए जवानों को समझा बुझाकर यात्रियों को आरक्षित बर्थ पर एडजस्ट कराया। तब जाकर ट्रेन खुली, हालांकि जवान भी उन सभी कोच में भरकर गए लेकिन राहत की बात यह रही कि अपने-अपने आरक्षित बर्थ पर यात्री एडजस्ट होकर चले गए। इस चक्कर में जनहित एक्सप्रेस करीब 2 घंटे 10 मिनट देर हो गई और पाटलिपुत्र पटना के लिए देर रात 1.10 बजे खुली। 

इसके बाद रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि दो एसी थ्री, एक एसी टू और तीन स्लीपर कोच की सभी बर्थ पर कब्जा जमाए जवान सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिला से लोकसभा चुनाव संपन्न करा बरौनी, पटना, हाजीपुर सहित अन्य जगहों के लिए लौट रहे थे।
  
सुबह की ट्रेनों में भी भरकर गए जवान
बुधवार की सुबह सहरसा से खुली कोसी एक्सप्रेस, जमालपुर स्पेशल, जानकी एक्सप्रेस और राज्यरानी एक्सप्रेस से भी बचे जवान गए। इस कारण इन ट्रेनों की बोगियों में भी भीड़ रही। स्थानीय रेल प्रशासन की मुस्तैदी से इन ट्रेनों के एसी चेयरकार व स्लीपर कोच में कब्जा नहीं किया गया।
 
मंगलवार की देर रात सहरसा स्टेशन पर जनहित एक्सप्रेस के एसी कोच में कब्जा जमाए जवान और हंगामा करते परेशान यात्री।
 

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  • Web Title:rampage and Resistance of passenger due to captured berth in janhit express by armed soldiers