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गुस्सा पीने वालों को पसंद करते हैं अल्लाह

रोजाना रात में इशा की नमाज के बाद तरावीह में उल्लास देखते ही बनता है। तरावीह की नमाज में विभिन्न मस्जिदों में कुरान के नए-नए पाठ के लोगों को अवगत कराया जाता है। तरावीह की नमाज के दौरान इमाम या हाफिज पाठ में दिए गए संदेशों का अर्थ भी समझाते हैं। मौलानाचक स्थित जामिया शहबाजिया के हेड शिक्षक मौलाना मुफ्ती फारूक आलम अशर्फी ने बताया कि कुरान-ए-पाक के प्रत्येक पाठ में दुनिया की भलाई के लिए संदेश दिए गए हैं। उन्होंने शुक्रवार कुरान के चौथे और पांचवें पाठ की खासियत बताईं। चौथा पाठ तुम उसी वक्त कामयाब हो सकते हो जब तुम अपने सबसे प्रिय चीज को अल्लाह के रास्ते में खर्च कर दो। जो कुछ भी तुम खर्च करोगे अल्लाह उसको जानता है यानी उसका फल भी तुमको जरूर मिलेगा। वो लोग जो अल्लाह से दुनिया और आखरत(मरने के बाद) की भलाई के लिए प्रार्थना करते हैं तो अल्लाह उसको दुनिया का और आखरत का शवाब देता है। अल्लाह ने कहा है कि कोई इंसान अल्लाह के मर्जी के बगैर न जिंदा रह सकता है और न ही मर सकता है। वो लोग गुस्सा पी जाते हैं और लोगों को माफ कर देते हैं अल्ला ऐसे लोगों को पसंद करते हैं। पांचवां पाठ इस पाठ में खासकर महिलाओं का जिक्र है। यानी उनके साथ निकाह करके जिंदगी गुजारने का तरीका अल्लाह ने बताया है। वे महिलाएं जिनसे आदमी शादी नहीं कर सकता है उसका जिक्र विस्तार से किया गया है। इसमें बता दिया गया है कि इनके अलावा अन्य महिलाओं से निकाह के बाद उसके साथ रह सकते हैं। खास तौर से हुक्म दिया कि उन महिलाओं का जिनसे निकाह हुआ है का मेहर(रूपए) अदा करें। इसमें यह भी कहा गया है कि किसी दूसरे की संपत्ति का उपयोग नहीं करो। कभी (तुमने कोई गलती कर ली है तो उसके कारण) तुम आत्महत्या नहीं करो। बेशक तुम्हारा अल्ला तुमपर बड़ा मेहरबान है।

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  • Web Title:ramjan tarawih : Allah like those who dont be angry