पूर्णिया: जनहित ट्रेन के बाद छह घंटे तक ठप रहता है रेल यातायात, लोग बसों पर निर्भर
पूर्णिया जंक्शन पर दोपहर 2.30 बजे जनहित एक्सप्रेस खुलने के बाद रात 8.30 बजे तक कोई ट्रेन नहीं आई, जिससे यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। मजबूरन उन्हें महंगी बस सेवाओं का सहारा लेना पड़ा। स्थानीय लोग शाम 5 बजे के आसपास एक नई पैसेंजर ट्रेन शुरू करने की मांग कर रहे हैं।

पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। पूर्णिया जंक्शन से दोपहर 2.30 बजे जनहित एक्सप्रेस खुलने के बाद रात 8.30 बजे तक कोई ट्रेन न होने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। छह घंटे की इस लंबी खामोशी में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आने-जाने वाले लोग घर लौटने के लिए मजबूरी में महंगी बस सेवाओं का सहारा ले रहे हैं। जानकारी के मुताबिक बनमनखी, जानकीनगर, सरसी और आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग रोजाना जिला मुख्यालय आते हैं। कोर्ट-कचहरी, डीएम और एसपी कार्यालय, बैंक मुख्यालयों, शिक्षा संस्थानों, प्रतियोगिताओं और अन्य सरकारी कार्यों के सिलसिले में इनकी आवाजाही बनी रहती है।
लेकिन दोपहर बाद कोई ट्रेन उपलब्ध न होने से उन्हें बसों का सहारा लेना पड़ता है, जिसका किराया ट्रेन से कई गुना अधिक है। स्थानीय यात्रियों का कहना है कि शाम 5 बजे के आसपास एक पैसेंजर ट्रेन शुरू की जाए तो हजारों लोगों को राहत मिलेगी। इस मांग को लेकर डीआरएम समस्तीपुर से भी आग्रह किया गया था, जिन्होंने आश्वासन तो दिया, लेकिन अब तक ट्रेन परिचालन शुरू नहीं हुआ। यात्री अवधेश कुमार, नीतेश कुमार, रंजीत कुमार, अनवार आलम, आलोक कुमार, शमशाद आलम, बिट्टू कुमार, रमेश कुमार, राजा कुमार और आशिक सहित कई लोगों ने रेलवे प्रशासन से जल्द से जल्द नई ट्रेन चलाने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्टेशन के आसपास रहने वाले यात्री भी रात 8.30 बजे तक का इंतजार नहीं करना चाहते और महंगा किराया देकर बसों से ही घर लौट जाते हैं। रेलवे की यह चुप्पी अब यात्रियों के लिए परेशानी बनती जा रही है।

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