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31 अक्तूबर, 2020|10:00|IST

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केंद्रीय कारा में महिला कैदियों की सुनीं समस्याएं

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हाईकोर्ट, पटना विधिज्ञ सेवा समिति की सदस्य और डालसा के सचिव ने बुधवार को महिला कारा का निरीक्षण किया। महिला कैदियों से बातचीत की। उनकी समस्याएं सुनीं। गुरुवार को भी समिति द्वारा महिलाओं से बातचीत की जाएगी।

जेल में 99 महिलाएं बंद हैं। समिति की सदस्य सुधा ने कहा कि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के आदेश पर बिहार के सभी महिला जेल का निरीक्षण किया जा रहा है। महिला कैदियों की समस्याएं सुनी जा रही हैं। जेल के अंदर महिला कैदियों ने कोई शिकायत नहीं की है, लेकिन कई महिला कैदियों को लीगल एड की जरूरत है। ऐसी महिलाओं की सूची तैयार की जा रही है। गुरुवार को भी जेल का निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जेल में महिलाएं बेकार बैठी रहती हैं। उन्हें स्वरोजगार योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि जेल से बाहर निकलने पर इन्हें कोई परेशानी नहीं हो सके। बैठे-बैठे लोग शिथिल होने लगते हैं। जरूरतमंद महिला कैदियों को समिति की ओर से मदद की जाएगी। कुछ माह पहले एक महिला कैदी ने आग लगाकर जेल में सुसाइड कर ली थी। वार्ड के अंदर संवेदनशील पदार्थ कैसे पहुंचा। इसपर समिति सदस्य ने कहा कि इसकी जानकारी नहीं है। जांच की जाएगी।

मुजफ्फरपुर की एक नक्सल महिला कैदी पांच महिलाओं को नक्सली बना रही है। इसपर भी समिति ने अनभिज्ञता जाहिर की। पुलिस मुख्यालय ने पिछले साल 18 जून को इस संबंध में पत्र जारी किया था। इस मौके पर एसीजेएम व डालसा के सचिच प्रवाल दत्ता, बिंदु शर्मा और अधिवक्ता वंदना कुमारी उपस्थित थीं।

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  • Web Title:Problems heard by female prisoners in central prison