आरटीई के तहत 25 प्रतिशत से कम सीटों पर गरीब बच्चों का होगा नामांकन

Mar 02, 2026 01:03 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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जिले में शिक्षा विभाग से प्रस्वीकृत निजी विद्यालयों हैं 381, चयन महज 45 स्कूलों का

आरटीई के तहत 25 प्रतिशत से कम सीटों पर गरीब बच्चों का होगा नामांकन

भागलपुर, वरीय संवाददाता। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी विद्यालयों को अपने 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर वर्ग और अलाभकारी समूह के बच्चों का नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। जिले के 49 निजी स्कूलों का चयन छात्रों के नामांकन के लिए किया गया है। जबकि जिला शिक्षा कार्यालय से प्रस्वीकृत निजी विद्यालयों की संख्या 381 है। जिला शिक्षा कार्यालय की डीपीओ एसएसए बबीता कुमारी ने बताया कि योजना के नियम के अनुसार, विभिन्न स्कूलों में नामांकन के लिए आवेदनों की जांच की गई। इसके बाद 49 स्कूलों को आरटीई के तहत नामांकन की अनुमति दी गई है। उन्होंने बताया कि किसी भी निजी स्कूल के 25 प्रतिशत सीटों पर कमजोर वर्ग के छात्रों का नामांकन नहीं होगा।

इन स्कूलों की कुल 10 प्रतिशत से भी कम सीटों का आरटीई के तहत नामांकन होगा। स्कूलों का कहना है कि आरटीई के तहत योग्य पाए गए छात्रों का ही योजना के लिए चयन किया गया। छात्रों का कक्षा एक में नामांकन होगा : चयनित स्कूल के निकट रहने वाले छात्रों का नामांकन कक्षा में किया जाएगा। निजी स्कूलों को जारी निर्देश के अनुसार अलाभकारी समूह के बच्चे एससी-एसटी वर्ग, पिछड़ा एवं अत्यंत पिछड़ा वर्ग, ट्रांसजेंडर व अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े हों। वहीं जिनके अभिभावक व माता-पिता की आय सलाना एक लाख रुपये हो। वहीं कमजोर वर्ग के बच्चे सभी जाति व समुदाय के होंगे। इनके माता पिता अभिभावक की वार्षिक आय दो लाख रुपये तक हो। इसके अलावा अनाथ बच्चों को भी इसका लाभ मिलेगा। बच्चों की आयु सीमा एक अप्रैल 2026 तक छह वर्ष होना अनिवार्य है। दो अप्रैल 2018 से एक अप्रैल 2020 के बीच जन्म लिए बच्चे प्रवेश के पात्र हैं। दिव्यांग बच्चों के लिए पांच प्रतिशत सीट आरक्षित रहेगी। निजी स्कूलों को भुगतान के लिए 50 करोड़ रुपये जारी : शिक्षा विभाग ने राज्य भर के निजी स्कूलों में आरटीई के तहत नामांकन व स्कूल फीस के लिए 50 करोड़ जारी कर दिए हैं। निजी विद्यालयों को प्रतिपूर्ति के लिए चार शैक्षणिक सत्र के लिए राशि जारी की गई है। ज्ञानदीप पोर्टल पर नामांकन के लिए आए आवेदन के अनुसार डीबीटी के माध्यम से स्कूलों को राशि ट्रासंफर की जाएगी। स्कूलों को प्रति बच्चे के लिए 11490 रुपये का भुगतान किया जाएगा। योजना में वैसे निजी स्कूलों का चयन नहीं किया गया है, जिसे सरकारी जमीन प्राप्त है, अथवा सरकार से कोई अन्य अनुदान प्राप्त कर रहे हैं।

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