Bhagalpur News: परिवार नियोजन के लिए सबडर्मल इंप्लांट में बढ़ रही महिलाओं की रुचि
Bhagalpur News: राष्ट्रीय जनसंख्या दिवस पर विशेष शुरुआत में इंप्लांट को स्वीकार नहीं कर रही थीं महिलाएं,

Bhagalpur News: भागलपुर, वरीय संवाददाता / गौतम वेदपाणि। जिले की बढ़ती जनसंख्या के कारण आमलोगों के लिए जरूरी संसाधन कम पड़ने लगे हैं। इनमें रहने के लिए जगह, 2023 में हुई जाति आधारित जनगणना के अनुसार भागलपुर जिले की जनसंख्या 40 लाख के करीब यानी 39 लाख 41 हजार 563 है। वहीं भागलपुर शहरी क्षेत्र या नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या चार लाख 60 हजार 279 है। ज्ञात हो कि 1951 में हुई पहली जनगणना में जिले की जनसंख्या आठ लाख 41 हजार 309 थी। बीते 75 वर्षों में भागलपुर जिले की आबादी पांच गुना बढ़ गई है।
जनसंख्या नियंत्रण के उपाय
इधर, जनसंख्या नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जहां महिलाओं का बंध्याकरण, कॉपर टी, गर्भनिरोधक गोलियां व अन्य साधन हैं। वहीं पुरुषों के लिए कंडोम व नसबंदी जैसे उपाय उपलब्ध हैं। हालांकि 2023 में परिवार नियोजन के तहत लांच किए गए सबडर्मल इंप्लांट विधि महिलाओं के लिए सुविधाजनक बन गई है। 2023 से जुलाई 2026 तक की अवधि में अबतक 2,995 महिलाओं सबडर्मल इंप्लांट का सहारा लिया है। जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम मणिभूषण झा के अनुसार भागलपुर जिले में परिवार नियोजन के तहत एसडी इम्प्लांट सेवा का विस्तार लगातार हो रहा है। सदर अस्पताल इस सेवा में सबसे आगे है। वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक सदर अस्पताल में कुल 2,174 महिलाओं को यह सेवा दी गई। वर्ष 2025-26 में 1,065 महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ उठाया, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (जेएलएनएमसीएच) में भी सेवा लगातार जारी है। यहां चार वर्षों में कुल 577 महिलाओं को एसडी इम्प्लांट सेवा प्रदान की गई। वहीं, अनुमंडलीय अस्पताल कहलगांव और नवगछिया में वर्ष 2025-26 से इस सेवा की शुरुआत हुई। कहलगांव में अब तक 131 तथा नवगछिया में 113 महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ लिया है।
अनचाहे गर्भ से सुरक्षा
स्वास्थ्य समिति के जिला सामुदायिक उत्प्रेरक भरत कुमार सिंह ने बताया कि सबडर्मल इम्प्लांट को बांह की त्वचा के ठीक नीचे लगाई जाने वाली एक छोटी पट्टी होती है। यह मुख्य रूप से अनचाहे गर्भ को रोकने के लिए बांह की त्वचा के नीचे इंप्लांट किया जाता है, इससे निकलने वाला प्रोजेस्टिन हार्मोन तीन से पांच साल तक सुरक्षा देती है। जिन महिलाओं को इंप्लांट लगे तीन वर्ष बीत चुके हैं, उन्हें फिर से लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित एवं प्रभावी अस्थायी गर्भनिरोधक साधन उपलब्ध कराकर परिवार नियोजन कार्यक्रम को मजबूत बनाना है। विभाग का कहना है कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता और जागरूकता अभियान के कारण इस सेवा का दायरा लगातार बढ़ रहा है।
सबडर्मल इंप्लांट लगाने वाले संस्थान
स्वास्थ्य संस्थान 2023 2024 2025 2026
जिला अस्पताल 153 799 1,065 157
जेएलएनएमसीएच 121 220 171 65
एसडीएच कहलगांव सेवा नहीं सेवा नहीं 109 22
एसडीएच नवगछिया सेवा नहीं सेवा नहीं 88 25


