संस्कृत के क्षेत्र में रोजगार और करियर की व्यापक संभावनाएं : डॉ. लक्ष्मेश्वर झा
कहलगांव, निज प्रतिनिधि। जवाहरलाल उच्च माध्यमिक विद्यालय, धनौरा में आयोजित संस्कृत संभाषण शिविर के दूसरे

कहलगांव, निज प्रतिनिधि। जवाहरलाल उच्च माध्यमिक विद्यालय, धनौरा में आयोजित संस्कृत संभाषण शिविर के दूसरे दिन तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) के संस्कृत विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. लक्ष्मेश्वर झा वर्चुअल माध्यम से शिविर से जुड़े। उन्होंने शिविर की सफलता के लिए शिविर संचालक डॉ. नयन तिवारी की सराहना की। डॉ. झा ने विद्यार्थियों से संकोच त्यागकर संस्कृत भाषा के अधिकाधिक प्रयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत के क्षेत्र में भी रोजगार और करियर की व्यापक संभावनाएं हैं। विद्यार्थियों को उचित मार्गदर्शन मिले और वे उच्च शिक्षा प्राप्त करें, तो वे विभिन्न प्रतिष्ठित पदों पर आसीन हो सकते हैं।
संस्कृत और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों से बढ़ती दूरी बच्चों में असुरक्षा की भावना को जन्म दे रही है। उन्होंने अभिभावकों और विद्यार्थियों से अपील की कि वे केवल मैट्रिक स्तर तक सीमित सोच न रखें, बल्कि संस्कृत शिक्षा को उच्च अध्ययन और करियर के दृष्टिकोण से भी अपनाएं। शिविर के दूसरे दिन विद्यार्थियों ने डॉ. नयन तिवारी के मार्गदर्शन में संस्कृत में अपना परिचय देना और संख्या-वाचन का अभ्यास किया। शिविर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं।
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