एनएच 80 पर लोग सूखा रहे है मक्का, हो सकता है हादसा
सड़क पर मकई और फसल सूखाने के कारण एनएच की चौड़ाई कम भागलपुर, सुल्तानगंज और

अकबरनगर, संवाददाता। राष्ट्रीय राजमार्ग-80 पर इन दिनों किसानों द्वारा सड़क पर मकई की फसल सूखाने का चलन वाहन चालकों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। पैन गांव से लेकर मोतीचक तक कई स्थानों पर सड़क किनारे ही नहीं, बल्कि सड़क के हिस्से पर भी मकई, बालू और मिट्टी फैला दी गई है। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग की चौड़ाई सिमट गई है और दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। क्षेत्रवासियों के अनुसार, सड़क पर फैली मकई के कारण दोपहिया वाहनों के पहिए अक्सर फिसल जाते हैं।
वहीं तेज रफ्तार से गुजरने वाले छोटे-बड़े वाहन भी असंतुलित होने का खतरा झेल रहे हैं। खासकर रात के समय स्थिति और भयावह हो जाती है। अंधेरे में सड़क पर बिछी मकई दिखाई नहीं देने से वाहन चालक अचानक नियंत्रण खो सकते हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। भागलपुर, सुल्तानगंज और बांका सहित विभिन्न क्षेत्रों को जोड़ने वाले इस महत्वपूर्ण मार्ग पर दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ग्रामीणों और वाहन चालकों ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। अकबरनगर थानाध्यक्ष रामाशीष तांती ने बताया कि सड़क पर मकई सूखा रहे किसानों को चिह्नित कर उनसे बातचीत की जाएगी। सड़क पर किए गए अतिक्रमण को हटाने तथा यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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