लखीसराय: महिला आरक्षण की आड़ में सीमांकन की सियासत: कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी संग्राम तेज हो रहा है। कांग्रेस ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह महिला आरक्षण के साथ सीमांकन का प्रावधान जोड़कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण को सीधे लागू किया जाना चाहिए था। यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीति में महत्वपूर्ण बन सकता है।

कजरा से वैदेही शरण की रिपोर्ट महिला आरक्षण के मुद्दे पर सियासी संग्राम तेज होता जा रहा है। कांग्रेस से जुड़े नेताओं ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया है कि वह महिला आरक्षण के बहाने सीमांकन का प्रावधान जोड़कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। राहुल-प्रियंका गांधी सेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता अमर सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण की पक्षधर रही है और वर्ष 2023 में पारित हुए महिला संसोधन बिल को समर्थन देकर इसे कानून बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने महिला आरक्षण को सीधे लागू करने के बजाय उसे जनगणना और सीमांकन की प्रक्रिया से जोड़ दिया है।
उनके अनुसार इससे इस कानून के लागू होने में अनावश्यक देरी होगी। अमर सिंह ने कहा कि विपक्ष का स्पष्ट सुझाव था कि वर्तमान 543 लोकसभा सीटों के दायरे में ही महिला आरक्षण लागू किया जाए और बाद में जनगणना व सीमांकन के बाद सीटों में संभावित वृद्धि के साथ इसे विस्तारित किया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार सीमांकन से जुड़े प्रावधानों को आगे बढ़ाकर सत्ता संतुलन को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने केंद्र पर संविधान के मूल ढांचे को प्रभावित करने और कार्यपालिका के अधिकारों को मजबूत करने की मंशा रखने का आरोप भी लगाया। हालांकि सरकार की ओर से पहले यह कहा जा चुका है कि महिला आरक्षण को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए जनगणना और सीमांकन आवश्यक प्रक्रियाएं हैं, ताकि सीटों का निष्पक्ष और संतुलित पुनर्वितरण सुनिश्चित किया जा सके। महिला आरक्षण और सीमांकन को लेकर जारी यह बहस आने वाले समय में देश की राजनीति का अहम मुद्दा बन सकती है।
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