
गश्ती का हाल जानने नहीं निकलते हैं साहब, मुख्यालय नाराज
हिन्दुस्तान एक्सक्लूसिव बेहतर करने वाले को पुरस्कृत करने का मुख्यालय का निर्देश
भागलपुर, वरीय संवाददाता। आमलोगों की सुरक्षा को ध्यान में रख गश्ती को सख्त करने के तमाम दावे हवा-हवाई दिख रहे हैं। पुलिस की गश्ती को सुदृढ़ करने को लेकर पुलिस मुख्यालय के भी निर्देश का पालन जिलों में नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर मुख्यालय ने नाराजगी जताई है। नवंबर महीने में विभिन्न जिलों में गश्ती को लेकर मुख्यालय में समीक्षा के बाद एडीजी (विधि व्यवस्था) ने भागलपुर सहित संबंधित जिलों को लिखा है और लापरवाही पर नाराजगी भी जताई गई है। पुलिस की गश्ती को लेकर जिन बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है उन बिंदुओं पर 22 जिलों से रिपोर्ट नहीं सौंपी गई।
ऐसे में मुख्यालय का कहना है कि उन जिलों में गश्ती की मॉनिटरिंग नहीं की गई। इससे यह भी साफ हो गया कि वरीय अधिकारी यानी साहब गश्ती का जायजा लेने नहीं निकल रहे। गश्ती मतलब गाड़ी में बैठे रहना, सड़क किनारे खड़े हो जाना पुलिस की गश्ती की बात करें तो शहर में पुलिस वालों का वाहन में बैठे रहना ही गश्ती कहलाती है। वरीय अधिकारी का थोड़ा डर हुआ तो बस उक्त वाहन से नीचे उतरकर वहीं पर खड़े हो गए और गश्ती हो गई पूरी। गली मोहल्लों में पुलिस वालों का पैदल गश्ती तो दिखती ही नहीं। हाल ही में डीजीपी विनय कुमार ने कुहासा की वजह से अपराधियों की गतिविधि बढ़ने की आशंका को देखते हुए गश्ती को सुदृढ़ करने का भी निर्देश सभी जिलों को दिया था। गश्ती को लेकर इन तीन बिंदुओं पर रिपोर्ट तैयार करना जरूरी बेहतर करने वाले को पुरस्कार - पुलिस मुख्यालय ने जिलों के विभिन्न थाना क्षेत्रों में गश्ती के दौरान बेहतर कार्य करने वाले पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को प्रत्येक महीने पुरस्कृत करने को कहा है। इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजनी है। लापरवाही करने वाले को पहले प्रशिक्षित करें - पुलिस की गश्ती को लेकर यह भी कहा गया है कि लापरवाही करने वाले पदाधिकारियों और जवानों को चिह्नित कर उन्हें पुलिसलाइन में इसको लेकर प्रशिक्षित किया जाए। उसकी भी रिपोर्ट भेजनी जरूरी है। प्रशिक्षण के बाद भी लापरवाही होने पर कार्रवाई - गश्ती को सुदृढ़ करने के लिए यह भी निर्देश है कि लापरवाही के बाद जिन पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, अगर वे फिर से लापरवाही करते हैं तो उन्हें चिह्नित कर उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इन 22 जिलों में नवंबर महीने में गश्ती को लेकर कोई रिपोर्ट तैयार नहीं हुई पुलिस मुख्यालय की समीक्षा में नवंबर महीने में जिन 22 जिलों में गश्ती को लेकर किसी भी बिंदु पर रिपोर्ट तैयार नहीं की गई उनमें भागलपुर, पटना, नालंदा, नवादा, भोजपुर, कैमूर, बांका, नवगछिया, मुंगेर, शेखपुरा, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, सीवान, मोतिहारी, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी, मधेपुरा, पूर्णिया और अररिया जिला शामिल हैं। इन जिलों में संबंधित महीने में गश्ती में बेहतर करने वाले को न तो पुरस्कृत किया गया न ही लापरवाही करने वाले को सजा ही दी गई। मुख्यालय का कहना है कि गश्ती की वरीय अधिकारियों द्वारा मॉनिटरिंग नहीं होने से इस तरह की लापरवाही सामने आ रही है। मुख्यालय के निर्देश का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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