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6 मार्च, 2021|10:34|IST

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बमबाजी के आरोपी को लोगों ने पकड़कर पुलिस को दिया, पुलिस ने शराब के केस में उसे जेल भेज दिया

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भागलपुर, वरीय संवाददाता

पुलिस की लापरवाही का एक और मामला सामने आया है। आरोप है कि मोहल्ले के लोगों ने बमबाजी के आरोपी को पकड़कर बबरगंज पुलिस को सौंपा लेकिन पुलिस ने उसे शराबी के केस में जेल भेज दिया। मोहल्ले के लोगों की नाराजगी के बाद मामला सामने आने पर एसएसपी निताशा गुड़िया ने जांच का आदेश दिया है। सिटी एएसपी ने मौके पर जाकर मामले की जांच की और लोगों से पूछताछ की।

शनिवार देर शाम बबरगंज थाना क्षेत्र के रामदेव साह लेन में बदमाशों ने एक के बाद एक चार बम फोड़े। बमबाजी से लोगों में दहशत फैल गया। मोहल्ले वालों ने हिम्मत जुटाकर उन बदमाशों में से एक को पकड़ पुलिस के हवाले कर दिया। वह नशे में था। बबरगंज पुलिस ने अपने बयान पर शराब का केस दर्ज कर बाल्टी कारखाना के रहने वाले सोनू नाम के उस शख्स को जेल भेज दिया। आरोप है कि मोहल्ले वालों से पुलिस ने आवेदन नहीं लिया और अपने केस में बमबाजी का जिक्र तक नहीं किया। माना जा रहा है कि पुलिस ने खुद को बचाने और केस को हल्का करने के लिए ऐसा किया है।

पुलिस अपने अनुसार आवेदन लिखवाना चाहती थी

बबरगंज थाना क्षेत्र के रामदेव साह लेन के रहने वाले लोगों ने बताया कि शनिवार की देर शाम लगभग साढ़े सात बजे पहला धमाका हुआ। उसके बाद कुछ देर के अंतराल पर चार धमाके हुए। राकेश साव की खाली जमीन पर कई बदमाश नशा कर रहे थे और आसपास के घरों पर बम फेंककर दहशत फैला रहे थे। मोहल्ले वाले जब इकट्ठा होने लगे तो वे भाग निकले पर एक सोनू नाम का लड़का पकड़ा गया जिसे बांधकर रखा और पुलिस को सूचना दी गयी। बबरगंज पुलिस मौके पर पहुंची और सोनू को पकड़कर ले आयी।

शराब के नशे में था, इसलिए शराब का केस दर्ज कर दिया

शनिवार की देर शाम 20 की संख्या में मोहल्ले वाले शाम में ही बबरगंज थाना पहुंचे और पुलिस को बताया कि वे बदमाश अक्सर वहां बैठकी करते हैं। जब लिखित आवेदन दिया तो पुलिस ने कहा दूसरी तरह से लिखकर दीजिये। फिर दिया पर वे नहीं माने। मोहल्ले वालों का कहना है कि पुलिस अपने अनुसार आवेदन लिखवाना चाहती थी, इससे नाराज होकर लोग वापस लौट आये। मोहल्ले वालों की बमबाजी की शिकायत और बम के अवशेष दिखाये जाने के बाद भी बबरगंज पुलिस ने अपने बयान पर सिर्फ शराब का केस दर्ज कर सोनू को जेल भेज दिया।

बबरगंज थानाध्यक्ष पवन कुमार का कहना है कि घटनास्थल पर बम को लेकर कोई सबूत लोग नहीं दिखा सके और पकड़ा गया युवक नशे में था इसलिए उसे पुलिस ने अपने बयान पर शराब का केस दर्ज कर जेल भेज दिया।

ब्राउन सुगर के साथ पकड़े गये दो युवकों को छोड़ने की भी हो रही जांच

बबरगंज पुलिस पर एक और गंभीर आरोप लगा है। चार दिन पहले उस थाना क्षेत्र में छोटी हसनगंज से अमित और बातिया नाम के दो तस्करों को ब्राउन सुगर के साथ पकड़ा गया था। बाद में पता चला कि बिना केस दर्ज किये दोनों को छोड़ दिया गया। दोनों को बबरगंज पुलिस अलीगंज स्थित बंद पड़े पेट्रोल पंप के पास ले गयी और वहां से छोड़ दिया। स्थानीय लोगों ने बबरगंज पुलिस की इस करतूत से नाराजगी जताते हुए वरीय अधिकारी से शिकायत की। इस बारे में जब बबरगंज थानाध्यक्ष पवन कुमार से पूछा गया तो पहले तो उन्होंने ऐसा कुछ होने से इंकार कर दिया पर कुछ ही मिनट बाद कॉल कर कहा कि ब्राउन सुगर के दो खरीदार को प्रशिक्षु दारोगा ने पकड़ा था पर कुछ नहीं मिला तो छोड़ दिया।

बमबाजी की घटना में लोगों के आवेदन पर केस दर्ज क्यों नहीं किया गया और पूरा मामला क्या है इसकी जांच के लिए सिटी एएसपी को निर्देश दिया गया है। ब्राउन सुगर वाले मामले की भी जांच सिटी एएसपी कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

- निताशा गुड़िया, एसएसपी

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  • Web Title:People caught the bombing accused and gave it to the police the police sent him to jail in a liquor case