DA Image
हिंदी न्यूज़ › बिहार › भागलपुर › मायागंज में इलाज कराने वाले मरीज बाहर से खरीद रहे दवा
भागलपुर

मायागंज में इलाज कराने वाले मरीज बाहर से खरीद रहे दवा

हिन्दुस्तान टीम,भागलपुरPublished By: Newswrap
Sun, 01 Aug 2021 04:20 AM
मायागंज में इलाज कराने वाले मरीज बाहर से खरीद रहे दवा

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता

मायागंज अस्पताल के ओपीडी में इलाज कराने आने वाले मरीजों को 40 प्रतिशत दवा निजी दुकानों से खरीदनी पड़ रही है। इसके लिए मरीजों को 50 से लेकर 500 रुपये तक निजी दवा दुकानदारों को देना पड़ रहा है।

मायागंज अस्प्ताल प्रशासन का दावा है कि ओपीडी स्थित दवा काउंटर पर मरीजों के लिए 76 प्रकार की दवाओं की उपलब्धता है। इसके बावजूद ओपीडी में इलाज कराने के लिए आ रहे मरीज हर रोज अस्पताल के बाहर स्थित करीब आधा दवा की दुकानों से 1.25 से लेकर 1.50 लाख रुपये की दवा को खरीदने को मजबूर हैं। दावे चाहे जो भी हो, लेकिन ओपीडी दवा काउंटर की पड़ताल में पाया गया कि यहां से गैस, एंटासिड, कफ सीरप, एंटी फंगल क्रीम व विटामिन डी युक्त कैल्शियम की दवा तक मरीजों को नहीं मिल रही है। जबकि ओपीडी में हर रोज औसतन 1500 से 1600 मरीज इलाज के लिए मुंगेर, बांका व भागलपुर जिले से आते हैं।

शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी: अधीक्षक

मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास ने कहा कि दवाओं की उपलब्धता आदि को लेकर वह खुद मानीटरिंग करते हैं। कभी उन्हें नहीं बताया गया कि ये दवा नहीं है। बावजूद दवा काउंटर से मरीजों को दवा न मिलना और डॉक्टरों द्वारा बाहर की दवा लिखना दुर्भाग्यपूर्ण है। अस्पताल में दवा रहने के बावजूद अगर किसी मरीज को डॉक्टर बाहर की दवा लिख रहे हैं तो इसकी शिकायत करें। संबंधित चिकित्सक पर कार्रवाई होगी।

केस नंबर- 1 : नाथनगर क्षेत्र के नूरपुर निवासी 63 वर्षीय अरशदुल्लाह को घुटने में लगातार दर्द बना रहता है। उन्होंने शुक्रवार को हड्डी रोग के ओपीडी में दिखाया तो डॉक्टरों ने पांच प्रकार की दवा लिखी। इनमें से ऑस्टोकैल्शियम व एंटीबॉयोटिक दवा अरशदुल्लाह को बाहर की दुकान पर खरीदनी पड़ी। इस दवा को खरीदने के लिए उन्हें 543 रुपये खर्च करना पड़ा।

केस नंबर- 2: सन्हौला निवासी अजय कुमार को सर्दी, खांसी व बुखार के साथ-साथ गैस व बदन में दर्द था। मेडिसिन विभाग के ओपीडी में उन्होंने शुक्रवार को दिखाया तो कफ सीरप व एंटीबॉयोटिक दवा ओपीडी के काउंटर से नहीं मिली। 100 एमएल का कफ सीरप खरीदने के लिए उन्हें 127 रुपये और एंटीबॉयोटिक दवा के लिए 225 रुपये खर्च करना पड़ा।

संबंधित खबरें