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चार नए ओपीडी के शुरू होते ही मरीजों को मिली राहत

हिन्दुस्तान टीम,भागलपुरNewswrap
Tue, 30 Nov 2021 03:51 AM
चार नए ओपीडी के शुरू होते ही मरीजों को मिली राहत

सदर अस्पताल

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता

चार नये विभागों के ओपीडी के साथ सदर अस्पताल में ओपीडी का संचालन हुआ। चार और नए ओपीडी के शुरू होने से एक तरफ जहां मरीजों का बेहतर ढंग से इलाज हो सका तो वहीं मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ा। इस मौके पर सोमवार को करीब दस बजे सिविल सर्जन डॉ. उमेश शर्मा, अस्पताल प्रभारी डॉ. एके मंडल, डॉ. राजू व डॉ. प्रशांत कुमार के साथ ओपीडी का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान ओपीडी में अलग-अलग ओपीडी कक्ष के सामने अलग-अलग कतारें लगी हुई थीं। नीचे के तल (भूतल) पर मेडिसिन, गायनी, हड्डी, सर्जरी, शिशु एवं दंत ओपीडी का संचालन हो रहा था। तो प्रथम तल पर नेत्र विभाग में नेत्र ओपीडी का संचालन हो रहा था। यहां पर इलाज के लिए आये गोराडीह के राजकुमार ने बताया कि वे एक सप्ताह पहले इलाज के लिए आये थे तो उन्हें रूम नंबर नौ में डॉक्टर को दिखाने में 25 मिनट लग गया था। आज तो दस मिनट में डॉक्टर को दिखाने का मौका मिल गया। वहीं घुटने की दर्द का इलाज कराने पहुंचे बड़ी खंजरपुर निवासी 75 वर्षीय राजेंद्र यादव को उनकी हालत को देखते हुए तत्काल ही डॉक्टर ने अपने चेंबर में बुला लिया और उनका इलाज किया।

मायागंज अस्पताल में तीन में से दो दवा काउंटर रहा बंद

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता

मायागंज अस्पताल के ओपीडी बिल्डिंग में मरीजों के इलाज की व्यवस्था भगवान भरोसे रही। यहां पर तैनात कर्मचारी व ओपीडी का हेल्थ मैनेजर सोमवार को जिले में हुए पंचायत चुनाव में चुनावी ड्यूटी में गया हुआ था। इधर इलाज को आये मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ओपीडी बिल्डिंग में संचालित तीन में से दो दवा के काउंटर बंद रहे। एक ही काउंटर से दवा का वितरण होने से मरीजों को दवा लेने में आधे घंटे से लेकर सवा घंटे तक इंतजार करना पड़ा। सन्हौला से आये सुरेंद्र कुमार तो लाइन में आधे घंटे तक खड़े-खड़े थक गये तो वे नीचे जमीन पर बैठ गये। यहां तक ओपीडी में निर्धारित 73 में से महज 37 प्रकार की दवाएं ही उपलब्ध थी। जिससे ज्यादातर मरीजों को बाहर से दवा की खरीददारी करनी पड़ी। बड़ी बात यह कि ओपीडी का कर्मचारी व हेल्थ मैनेजर चुनाव ड्यूटी में गया है, इसकी जानकारी अस्पताल अधीक्षक डॉ. असीम कुमार दास को पूर्वाह्न 11 बजे तक नहीं थी। जानकारी मिलने पर वे इमरजेंसी में तैनात हेल्थ मैनेजर को ओपीडी की व्यवस्था संभालने का निर्देश दिया। बावजूद बंद दवा के काउंटर को न तो खोला ही जा सका और न ही मरीजों को कोई राहत मिली।

आशा कार्यकर्ताओं के लिए सदर अस्पताल में शुरू हुआ प्रशिक्षण

भागलपुर, कार्यालय संवाददाता

कालाजार के लक्षण, कारण व बचाव को लेकर सदर अस्पताल में सोमवार से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले की आशा कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया। यह प्रशिक्षण आज से शुरू होकर तीन दिसंबर तक चलेगा। प्रशिक्षण के दौरान जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ. केबी पटेल, जिला वेक्टर बोर्न डिजिज नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. रविकांत कुमार, केटीएस संजीव कुमार व केयर इंडिया के डीपीओ मानस नायक, कालाजार के प्रखंड समन्वयक सुमंत कुमार ने आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार के मरीजों के पहचान का गुर सिखाया। आशा कार्यकर्ताओं को बताया गया कि अगर किसी को भूख न लगने, वजन में कमी की शिकायत है तो उसे कालाजार की जांच करानी चाहिए। ऐसे व्यक्ति को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ले जाएं। जहां रैपिड किट के जरिये कालाजार की जांच हो सकेगी। इसके इलाज में देरी होने पर मरीज के हाथ, पैर व पेट की त्वचा काली पड़ जाती है। बाल व त्वचा की परत सूखकर झड़ने लगती है। इलाज में लापरवाही से मरीज की जान जाने का खतरा होता है।

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