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बोले पूर्णिया : शहर के खुले नाले की बदबू से लोगों का जीना हुआ मुहाल

बोले पूर्णिया : शहर के खुले नाले की बदबू से लोगों का जीना हुआ मुहाल

संक्षेप:

पूर्णिया शहर हाईटेक बनने की राह पर है, लेकिन खुले नालों के कारण शहर में गंदगी और दुर्गंध बढ़ गई है। मुख्य बाजारों में खुले नालों से लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से नालों को ढकने और नियमित सफाई की मांग की है।

Dec 30, 2025 01:22 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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- प्रस्तुति : अमित गोस्वामी रजनीश

पूर्णिया शहर हाईटेक बनने की राह पर है, लेकिन खुला नाला इसकी स्वच्छता और सौंदर्य दोनों को चुनौती दे रहा है। शहर का प्रमुख नाला खुला रहने से गंदगी तेजी से जमा होती है और बार-बार सफाई के बाद भी बदबू कायम रहती है। खुला नाला होने से बाहर की गंदगी भी इसमें गिर जाती है, जिससे हालत और खराब हो जाती है। शहर में पांच बड़े नाले हैं, जिनसे छोटी-छोटी नालियों का पानी बाहर निकलता है, लेकिन लालगंज ड्रेन और नरकटियागंज नाला सबसे अधिक प्रभावित हैं। स्थानीय लोग बताते हैं कि खुले नालों से दुर्गंध फैलती है, जिससे वायु गुणवत्ता भी खराब होती है। उनका कहना है कि नगर निगम को नालों को कवर करने और उनकी नियमित सफाई के लिए ठोस योजना बनानी चाहिए। स्वच्छता और प्रदूषण नियंत्रण के लिहाज से यह कदम शहर के पर्यावरण और जनता दोनों के लिए जरूरी है।

खुला नाला के कारण एक तरफ जहां दुर्गंध और गंदगी फैली हुई है वहीं दूसरी तरफ लोगों की परेशानी भी बढ़ी हुई है। शहर का मुख्य बाजार भट्टा बाजार, मधुबनी बाजार, बहुमंजिला बाजार,लाइन बाजार, बस स्टैंड , गिरिजा चौक , राजेन्द्र बाल उद्यान के समीप खुला नाला, उद्योग केन्द्र के आगे खुला नाला के साथ साथ कई मुख्य बाजार में प्रवेश करने के साथ ही नाला की दुर्गंध से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। खासकर भट्टा बाजार जाने वाली सड़क पर स्थित नाला काफी विषैला दुर्गंध बदबू लोगों के लिए असहनीय हो जाती है। भट्टा बाजार में लोग अपनी अपनी जरुरत की समान की खरीदारी करने के लिए लगातार आवाजाही लगी रहती है। लोग अपने अपने पसंद की कपड़े एवं अन्य सामान खरीदने के लिए भट्टा बाजार में आवाजाही लगी रहती है। बाजार से होकर गुजरने वाले नाला में गंदगी सड़न से बदबूदार दुर्गंध लोगों के लिए काफी असहनीय हो जाती है। लोगों को नाक पर रुमाल लेकर निकलना मुश्किल हो जाता है। बिना नाक पर रुमाल लिए लोगों को निकलने में काफी दिक्कत होती है। हालांकि एक महीने पहले नाला की हल्की फुल्की साफ सफाई कर खानापूर्ति कर दी गयी है। इसके वावजूद ब्लीचिंग पाउडर या अन्य कोई भी छिड़काव नहीं होने से दुर्गंध दूर तक फैलती है। नाला के आसपास होटल व दुकानोंसे वेस्टेज फेंकने से भी दुर्गंध और काफी बढ़ जाती है। बदबूदार दुर्गंध से लोगों को बीमार होने की संभावनाएं बनी रहती है। इस संबंध में खरीदारी करने आए रंजीत सिंह, राजू कुमार, प्रीतेश कुमार, नौशाद आलम,राहुल कुमार, सुरज कुमार, कैलाश कुमार, राजेश कुमार आदि कई लोगों ने बताया कि भट्टा बाजार शहर का मुख्य बाजार रहने के बाद भी मुख्य बाजार की तरह सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। भट्टा बाजार में बड़े बड़े शोरूम रहने के बाद भी नाला से बदबूदार दुर्गंध खरीददारों का जीना मुहाल कर दिया है। नाला के आसपास दुकानदार को दुकानदारी करने में भी परेशानी होती है। बदबू के कारण नाला के आसपास दुकान में ग्राहकों की आवाजाही कम रहती है। लोगों को काफी कठिनाई महसूस होती है। लाइन बाजार में भी खुला नाला में गंध-दुर्गंध के कारण लोगों को काफी दिक्कत होती है। कई दवा दुकानदार नाला के उपर बांस लोहा का चचरी बनाकर आवाजाही करते हैं। मरीज दिखाने आने वाले लोगों को खुला नाला में गिरने की आशंकाएं बनीं रहती हैं। खुला नाला खतरनाक साबित होने के बाद भी अबतक नाला की साफ-सफाई एवं ढकने को लेकर कोई काम नहीं होने से लाइन बाजार में लोगों को आवाजाही करने में काफी दिक्कत का सामना करना आम बात हो गई है। खुश्कीबाग और गुलाबबाग में भी नाला की साफ-सफाई बराबर होनी चाहिए। नाला की असहनीय बदबू से लोगों को काफी आफत हो जाती है।

नाले खुले रहने से लोगों की बढ़ गई परेशानी

नियमित सफाई और ढकने की व्यवस्था न होने से गंदा पानी सड़कों पर फैल रहा है, जिससे आवागमन बाधित हो रहा है। बरसात में नालों का पानी ओवरफ्लो होकर गलियों में भर जाता है, जिससे फिसलन और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। खुले नालों से उठती दुर्गंध व मच्छरों के प्रकोप से बीमारियों का खतरा बढ़ा है। कई जगह सड़कों के संकरे होने और रोशनी की कमी से लोग गिरकर घायल भी हो रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका है। लोगों ने नगर निगम से नाले ढकवाने और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।

हमारी भी सुनें

शहर के विभिन्न बाजार में नाला में गंदगी के कारण दुर्गंध बदबू से लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। लोगों को आवाजाही करने मे काफी दिक्कत होती है।

- पंकज

भट्टा बाजार में नाला में दुर्गंध निकलने से खरीदारी करने आए लोगों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। दुर्गंध से लोगों को जी मचलने लगता है।

- राजेश कुमार अग्रवाल

भट्टा बाजार में स्थित नाला के साथ साथ शहर के कई नाला में सड़न बदबूदार दुर्गंध निकलने से राहगीरों को काफी दिक्कत होती है।

- राजू मंडल

भट्टा बाजार, लाइन बाजार के साथ साथ शहर के कई नाला से बदबू निकलने से लोगों को काफी असहनीय हो जाती है। दुर्गंध से लोगों को दिक्कत होती है।

- अजय कांत

शहर के विभिन्न बाजार स्थित नाला की साफ सफाई कर खानापूर्ति की जाती है। सड़न की बदबू से लोगों को जीना मुश्किल हो जाता है।

- सुभाष चन्द्र झा

भट्टा बाजार के साथ साथ विभिन्न बाजारो में स्थित नाला में कई तरह की बदबूदार समान फेंकने के कारण और अधिक दुर्गंध निकलने लगती है।

- ममता झा

भट्टा बाजार समेत विभिन्न बाजारों में नालों के आसपास सड़ा-गला कचरा और प्लास्टिक जैसी फालतू वस्तुएं फेंकने से दुर्गंध और अधिक फैलने लगी है।

- निशा

भट्टा बाजार, जिला स्कूल रोड और ऐतियाना बस कार्यालय सड़क स्थित नालों से निकलती दुर्गंध से लोगों को लगता है मानो यह नगर निगम का क्षेत्र ही नहीं हो।

- संतोष मिश्रा

बहुमंजिला बाजार में भी नाला से बदबू निकलती है। लोगों को किसी अति पिछड़े क्षेत्रों में गुजरने जैसी अनुभूति महसूस होती है।

- प्रेम कुमार

शहर के मुख्य बाजार में नालों से निकलती दुर्गंध के कारण लोगों को उल्टी जैसी परेशानी होने की संभावना बढ़ जाती है।

- शिवम सिंह

शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित नाला से बदबू निकलने से लोगों को काफी दिक्कत होती है। असहनीय बदबू के कारण लोगो को रुकने मे परेशानी होती है।

- शंकर झा

भट्टा बाजार में नाला की दुर्गंध से लोग काफी असहज महसूस करते हैं। शिकायत करने पर साफ सफाई कर खानापूर्ति कर दिया जाता है।

- सुमित कुमार

भट्टा बाजार में नालों से उठती दुर्गंध के कारण लोगों को आवाजाही में काफी दिक्कत होती है। कई लोग अब अन्य बाजारों में खरीदारी करना पसंद करते हैं।

- नीतू झा

जिला स्कूल रोड पर स्थित नाला में प्लाष्टिक आदि रहने के कारण बरसात में पानी की आवाजाही में भी दिक्कत होती है।

- घ्वजाघर गोस्वामी

भट्टा बाजार के अलावे विभिन्न नाला के आसपास रहने वाले लोगों को भी बदबू के कारण काफी दिक्कत होती है।

- ब्रज किशोर भारती

बोले जिम्मेदार

मामले की जांच कराई जाएगी और संबंधित एजेंसी से जवाब मांगा जाएगा। शहर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए वार्ड पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी दी गई है। निगरानी के लिए विशेष निर्देश दिए गए हैं।

- कुमार मंगलम, नगर आयुक्त, पूर्णिया

साफ-सफाई को लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे। नए साल से हर वार्ड की स्थिति पर नियमित निगरानी होगी और किसी भी इलाके से शिकायत नहीं आने देने की व्यवस्था की जाएगी।

- विजय खेमका, विधायक, पूर्णिया सदर

शिकायत

1. नालों से उठती दुर्गंध से लोगों का आवाजाही करना मुश्किल हो गया है।

2. बारिश के समय खुले नालों के ओवरफ्लो होने से गलियां और सड़कें जलमग्न हो जाती हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।

3. खुले नालों की वजह से मच्छरों और मक्खियों का प्रकोप बढ़ा है।

4. कई जगह नालों के किनारे फैले कचरे और प्लास्टिक से गंदगी बढ़ गई है।

5. वार्डों में बार-बार शिकायत करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। निगम की सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकता तक सीमित है।

सुझाव

1. सभी मुख्य और उप-नालों को चरणबद्ध तरीके से ढकने की योजना बनाई जाए।

2. नालों की नियमित सफाई और ब्लीचिंग पाउडर छिड़काव सुनिश्चित किया जाए।

3. नालों में कचरा और प्लास्टिक फेंकने वालों पर जुर्माना लगाया जाए। इससे लोगों में स्वच्छता को लेकर जिम्मेदारी बढ़ेगी।

4. बरसात से पहले शहर के सभी ड्रेनेज सिस्टम की तकनीकी जांच कराई जाए। इससे जलभराव और ओवरफ्लो की स्थिति टाली जा सकेगी।

5. प्रत्येक वार्ड में सफाई की निगरानी के लिए स्थानीय पर्यवेक्षकों की जवाबदेही तय की जाए।

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