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अब युवाओं ने बढ़ायी उद्योग-धंधे में अपनी हनक, कई नए

कुछ सालों में कई यूनिट की स्थापना हुई, सैकड़ों को मिला रोजगार रेडीमेड कपड़े...

अब युवाओं ने बढ़ायी उद्योग-धंधे में अपनी हनक, कई नए
हिन्दुस्तान टीम,भागलपुरThu, 22 Feb 2024 01:31 AM
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भागलपुर, वरीय संवाददाता। भागलपुर के युवा अब उद्योग-धंधे में अपनी हनक दिखा रहे हैं। इसमें कई नये भी हैं, लेकिन हुनरमंद होने के कारण व्यवसाय स्थापित करने में उन्हें परेशानी नहीं हुई है। हाल के कुछ वर्षों में तीन हजार से अधिक युवाओं ने कई यूनिट लगायी है और रोजगार का सृजन किया है। स्थानीय बाजार में इन युवाओं के रेडीमेड कपड़ों, जूते-चप्पल, बैग, सत्तू, बेसन, चाउमिन आदि की मांग अधिक हो रही है।
तिलकामांझी स्थित मां वीणा इंडस्ट्रीज के अजय कुमार आलोक ने बताया कि यहां का सत्तू, बेसन, चाउमीन के साथ मसाले की मांग आसपास के इलाकों में काफी हो रही है। नारायणपुर के अजय रविदास ने लेदर उद्योग में अपनी किस्मत आजमाई। जिसमें वे आज सफल हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत यूनिट लगायी। सरकार की योजनाओं से तीन हजार से अधिक युवा अब उद्यमी बन चुके हैं। बियाडा व अन्य जगहों पर 15 से अधिक युवा जूता-चप्पल व लेदर के अन्य कारोबार कर रहे हैं। वहीं नया बाजार के रहने वाले युवा उदय सिन्हा के बादाम व नारियल कुकीज की मांग अधिक हो रही है।

नंदीकेश के बैग की डिमांड स्कूलों में खूब

तेलघी के रहने वाले नंदीकेश ने बियाडा में बैग की यूनिट लगायी है। बैग की मांग विभिन्न स्कूलों में खूब हो रही है। मजबूत बैग होने के कारण आसपास के इलाकों में इसकी अच्छी बिक्री हो रही है। साथ ही वो कागज-कॉपी भी तैयार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कुछ माह में उनके द्वारा कचरे से ट्रॉली बैग बनाया जायेगा। जो बाजार से काफी सस्ता होगा।

स्वीटी ने कम समय में बनायी पहचान

अपने काम से कम समय में पहचान बनाने वाली विक्रमशिला कॉलोनी में स्वीटी कुमारी का सरसों तेल, सत्तू व बेसन राज्य के कोने-कोने में जा रहा है। अब वह कतरनी चूड़ा व चावल का भी काम करने लगी हैं। उनका सामान पटना के खादी मॉल में जा रहा है। साथ ही देश व राज्य की विभिन्न जगहों पर आयोजित मेला में अपने सामान की प्रदर्शनी लगाई है। उनकी यूनिट को सिल्वर सर्टिफिकेट मिल चुका है।

रेशमा की ड्रेस की मांग स्कूलों में

उधर, काजवलीचक की रहने वाली रेशमा फैंसी स्कूल ड्रेस बना रही हैं। उनकी ड्रेस की मांग विभिन्न स्कूलों में हो रही है। साथ ही सलवार सूट, दुपट्टा और फैंसी शूट तैयार कर रही हैं। इसके अलावा मंजूषा आर्ट की पेंटिंग दूसरे राज्यों में भेज रही हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की योजनाओं का फायदा उठाकर अब वह दूसरों को रोजगार दे रही हैं। तिलकामांझी की डोली कुमारी नूडल्स तैयार कर रही हैं। नूडल्स राज्य की विभिन्न जगहों पर भेजी जा रही है।

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