No any basic amenities in villages of Pipariya block of Lakhisarai district - इस इलाके में न कोई अपनी बेटी ब्याहना चाहते हैं न ही बेटे की बारात लाना चाहते हैं, जानिए क्यों? DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

इस इलाके में न कोई अपनी बेटी ब्याहना चाहते हैं न ही बेटे की बारात लाना चाहते हैं, जानिए क्यों? 

no any basic amenities in villages of pipariya block of lakhisarai district

एक ऐसा इलाका जहां भूले-भटके भी न तो अपनी बेटी को ब्याहना चाहते हैं और न ही अपने बेटे की बारात लेकर जाना चाहते हैं। गलती से रिश्ता तय भी हो गया, तो यहां के हालात की जानकारी होने पर कोई न कोई बहाना बनाकर निकल लेते हैं।  यह इलाका है बिहार के लखीसराय जिले में स्थित पिपरिया प्रखंड का। 

 21वीं सदी के भारत में बिहार के लखीसराय जिले का पिपरिया प्रखंड के कई गांव हैं जहां आज भी विकास की झलक नहीं दिखती। सड़कें नहीं है, नतीजतन लोगों को कोसों दूर पैदल चलना पड़ता है। सड़कविहीन इन गांवों में बेटियों की शादी पर ग्रहण लग रहा है। पिता जवान बेटी की शादी करने को लेकर बेबस व लाचार हो जाते हैं। रिश्ता जोड़ने से पूर्व दूल्हे राजा के परिजन गांव व क्षेत्र की जानकारी प्राप्त करने के बाद सीधे तौर पर शादी करने से इंकार कर जाते हैं।

काफी मान मनौव्वल व आरजू विनती के बाद पिपरिया प्रखंड के कई गांवों में दूल्हे राजा शादी करने को तैयार होते हैं। जब एक बार इन दुरूह और सड़कविहीन गांवों में दूल्हे राजा की शादी हो जाती है, तो दोबारा ससुराल में कदम रखना भी मुनासिब नहीं समझते हैं।
 
पिपरिया प्रखंड के बसौनाडीह, कन्हरपुर, नवकीबिंद टोली, पथुआ सहित कई गांवों में सड़क का नामों निशान नहीं है। गांव ना संपर्क पथ से जुड़ा और ना गलियों व मोहल्लों में पीसीसी सड़क का निर्माण हो सका। धूल धूसरित, पगडंडी व बालू युक्त सड़क पर एक लंबे समय से ग्रामीण चलने को विवश हैं। पिपरिया पंचायत के पूर्व मुखिया मोहन भगत  दया रजक, पुलिस भगत, पन्नु भगतलोगों का दर्द का निवारण ना तो राजनेता कर पाते हैं और ना ही प्रशासनिक अधिकारी। चुनाव के वक्त विकास करने के लंबे-चौड़े वायदे तो किए जाते हैं, लेकिन चुनाव जीतने के बाद जनप्रतिनिधि लोगों के जख्मों पर मरहम लगाना भूल जाते हैं।

केस स्टडी 1 
पथुआ गांव के अशोक मोदी ने जमुई में पिछले वर्ष अपनी बेटी का रिश्ता तय किया था। सड़क नहीं रहने के कारण लड़के वालों ने वहां से बहू लाने का मन बदल दिया। 

केस स्टडी 2 
वर्ष 2019 में नवकीबिंद टोली गांव के बाली रजक ने अपनी बेटी का रिश्ता बिहारशरीफ में तय किया था। दुरूह रास्ते व दुर्गम इलाके होने की वजह से लड़के वालों ने रिश्ता नहीं किया।

केस स्टडी 3
पथुआ बिंद टोली गांव के इंद्रदेव राय ने वर्ष 2019 में शेखपुरा जिले के किसी गांव में शादी तय की थी, लेकिन सड़क विहीन गांव होने के कारण दूल्हे राजा के परिजन ने रिश्ता करने से इंकार कर दिया। 

पिपरिया पंचायत के पूर्व मुखिया मोहन भगत ने कहा कि करीब तीन किलोमीटर सड़क निर्माण को लेकर जिला प्रशासन व राजनेताओं से कई बार गुहार लगायी, लेकिन हर बार सिर्फ कोरा आश्वासन मिला। सड़क नहीं होने के कारण बेटी का जहां रिश्ता टूट रहा है, वहीं बेटे की शादी भी नहीं हो पा रही है।

सूर्यगढ़ा के राजद विधायक प्रह्लाद यादव ने कहा कि पिपरिया पंचायत के कई गांव सड़क विहीन है। बरसात व बाढ़ के दिनों में लोगों को काफी परेशानी होती है। सड़क विहीन गांव को शीघ्र ही प्लान तैयार कर संपर्क पथ से जोड़ा जाएगा।

31 ’‘१ 25- पिपरिया प्रखंड के नवकीडीह गांव की सूरत

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:No any basic amenities in villages of Pipariya block of Lakhisarai district