पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट मामले में एनजीटी सख्त
राज्य सरकार को एक सप्ताह में वस्तुस्थिति बताने को कहा गया फरियादी को भी पहाड़,

भागलपुर, मुख्य संवाददाता। पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट मामले में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। साथ ही शिकायतकर्ता किसान चेतना एवं उत्थान समिति के अध्यक्ष श्रवण सिंह को भी कुछ मुद्दे पर जवाब देने को कहा है। शिकायकर्ता को भी एक सप्ताह का वक्त दिया गया है। पटना हाईकोर्ट के अधिवक्ता शिवशंकर चौबे ने बताया कि कोलकाता स्थित इर्स्टन जोन की कोर्ट संख्या-1 में गुरुवार को हुई सुनवाई में बेंच ने फरियादी को कहा गया कि यह क्षेत्र ग्रीनफील्ड जोन में है या नहीं? यदि ग्रीनफील्ड जोन में है तो इसका प्रमाण दिखाएं। प्रस्तावित परियोजना स्थल पर हरे-भरे पेड़ों की कटाई से संबंधित लेखाजोखा पेश किया जाए।
बेंच ने पहाड़ की कटाई के मामले को भी गंभीरता से लिया है। इस संबंध में बताया गया कि पहाड़ काटने की इजाजत किसने दी थी और पहाड़ किसके कब्जे में है? इसका ब्योरा दिया जाए। बता दें कि पीरपैंती में 2400 मेगावाट की तीन इकाइयों की स्थापना के लिए हाल के दिनों में हजारों पेड़ काट डाले गए। फरियादियों का आरोप था कि करीब पांच लाख पेड़ों को काटा गया है। साथ ही पहाड़ को भी क्षति पहुंचाई गई है। मामला इसलिए भी गंभीर है कि यदि एनजीटी ने कोई प्रतिकूल आदेश जारी किया तो थर्मल का निर्माण अटक सकता है।
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