सदर अस्पताल और नवगछिया अस्पताल में बनेगा क्रिटिकल केयर यूनिट

Jan 08, 2026 12:57 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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क्रिटिकल और इमरजेंसी के मरीजों के इलाज की मिलेगी सुविधा वर्ष 2026 में तैयार करने

सदर अस्पताल और नवगछिया अस्पताल में बनेगा क्रिटिकल केयर यूनिट

भागलपुर, वरीय संवाददाता जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (मायागंज अस्पताल) के बाद सदर अस्पताल व अनुमंडल अस्पताल नवगछिया में भी क्रिटिकल केयर यूनिट यानी सीसीयू खुलेगी। इसको लेकर जहां दोनों अस्पताल परिसर में ही जमीन का चयन कर लिया गया है, बल्कि बीएमएसआईसीएल चयनित जमीन पर क्रिटिकल केयर यूनिट बनाने के लिए अपने स्तर से तैयारी शुरू कर दी है। सदर अस्पताल में क्रिटिकल केयर यूनिट के खुल जाने के बाद एक ही छत के नीचे क्रिटिकल बीमारी (हृदय रोग, ब्रेन स्ट्रोक, हाईपरटेंशन, हार्ट फेलियर, कॉर्डियक अरेस्ट) व इमरजेंसी के मरीज (मार्ग दुर्घटना में घायल, आपराधिक मामले में घायल) की जांच से लेकर इलाज व सर्जरी तक की सुविधा मिल जाएगी।

पीकू वार्ड के सामने वाली जमीन पर बनेगी सीसीयू, नवगछिया में भी 30 बेड की बनेगी सदर अस्पताल परिसर में संचालित पीकू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) के सामने वाली जमीन पर सीसीयू बनायी जाएगी। ये सीसीयू 70 गुना 30 मीटर के क्षेत्रफल में बनेगी। वहीं इसके अलावा अनुमंडल अस्पताल नवगछिया परिसर में भी 30 बेड की क्रिटिकल केयर यूनिट बनायी जाएगी। दोनों जगहों को बीएमएसआईसीएल (बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर, कार्पोरेशन लिमिटेड) की टीम ने देखने के बाद उसकी रिपोर्ट पटना को भेज दी है। अब बीएमएसआईसीएल पटना ही इन दोनों क्रिटिकल केयर यूनिट को बनाने का काम करेगी। मायागंज अस्पताल में 50 बेड की बन रही है सीसीयू मायागंज अस्पताल में भी पहले से ही 50 बेड की सीसीयू प्रस्तावित है। ये सीसीयू अस्पताल परिसर स्थित एमसीएच बिल्डिंग के बगल स्थित जीएनएम हॉस्टल की पुरानी बिल्डिंग में बनेगी। बिल्डिंग में रहने वाले डॉक्टरों को न केवल छात्रावास खाली करने का आदेश अस्पताल प्रशासन द्वारा दे दिया गया है, बल्कि इसे खाली कराए जाने को लेकर अस्पताल प्रशासन ने सदर एसडीओ व पुलिस प्रशासन को पत्र लिख दिया है। इस हॉस्टल में रहने वाले अधिकांश डॉक्टरों ने अपने-अपने कमरों को खाली कर दिया है, लेकिन कुछ अभी है जो जमे हुए हैं। अस्पताल अधीक्षक डॉ. हिमांशु परमेश्वर दुबे ने बताया कि जर्जर बिल्डिंग को तोड़कर सीसीयू बनायी जानी है, लेकिन सभी डॉक्टरों ने अब तक अपना कमरा खाली नहीं किया है। इसको लेकर शासन को फिर पत्र भेजा जाएगा। हार्ट अटैक, एक्सीडेंट व आपराधिक मामलों के गंभीर मरीजों का तुरंत होगा जांच-इलाज अभी मायागंज अस्पताल में जहां इमरजेंसी के मरीजों (हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक एक्सीडेंट व आपराधिक मामलों के गंभीर मरीजों) को इलाज के लिए इमरजेंसी व अन्य प्रकार की जांच के लिए अलग-अलग विभागों में जाना पड़ता है। वहीं सदर अस्पताल में सीटी स्कैन जांच व पैथोलॉजी जांच की सुविधा को छोड़ दिया जाए तो इनके इलाज की सुविधा भी नहीं है। वहीं अनुमंडल अस्पताल गंभीर मरीजों के इलाज के बजाय रेफर करता है। लेकिन सीसीयू में हर प्रकार की जांच व इलाज की सुविधा एक ही छत के नीचे होगी। ऐसे में मरीज को जांच के नाम पर अनावश्यक परेशान नहीं होना पड़ेगा। वहीं इनके इलाज के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक भी तैनात होंगे। कोट मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर समेत बिहार के करीब आधा दर्जन अनुमंडलीय एवं सदर अस्पताल में सीसीयू बनायी जा रही है। वहीं भागलपुर जिले के तीन अस्पतालों में बन रही तीन सीसीयू में कुल 130 बेड होंगे। इन्हें साल 2026 में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। : डॉ. अशोक प्रसाद, सिविल सर्जन, भागलपुर

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