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अररिया: नेपाल की  झुमका जेल से फरार सजायाफ्ता 28 वर्षीय  कैदी गिरफ्तार

अररिया: नेपाल की झुमका जेल से फरार सजायाफ्ता 28 वर्षीय कैदी गिरफ्तार

संक्षेप:

नेपाल में जेन जी आंदोलन के दौरान झुमका जेल से फरार हुए 28 वर्षीय कैदी पप्पू कुमार यादव को जोगबनी के मटियरवा से गिरफ्तार किया गया है। नेपाल पुलिस को गुप्त सूचना के आधार पर उसकी तलाश थी। झुमका जेल से 1550 कैदी फरार हुए थे, जिनमें से 700 अब भी लापता हैं।

Dec 12, 2025 05:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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जोगबनी, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। सितंबर माह में नेपाल में जेन जी आंदोलन दौरान नेपाल की झुमका जेल से फरार सजायाफ्ता 28 वर्षीय कैदी को गिरफ्तार कर लिया गया है। गुप्त सूचना पर नेपाल पुलिस ने यह गिरफ्तारी जोगबनी से सटे मटियरवा से की है। गिरफ्तार सजायाफ्ता कैदी पप्पू कुमार यादव सुनसरी भोकराहा नरसिंह गांवपालिका वार्ड पांच का रहने वाला है। जेन जी आंदोलन के दौरान मौके का फायदा उठाकर अन्य कैदियों के साथ पप्पू कुमार यादव भी फरार हो गया था। जेल से फरार होने के बाद जहां तहां छिपकर रह रहा है। नेपाल पुलिस भी उनकी तलाश कर रही थी। पुलिस को जैसे ही यह जानकारी मिली कि पप्पू जोगबनी से सटे मटियरवा में है बिना देर किए उसे दबोच लिया।

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बता दें कि जेन जी आंदोलन में सीमावर्ती सुनसरी जिले के झुमका कारागार से 1550 कैदी फरार हुए थे। झुमका जेल के जेलर सुभाष लामिछाने ने बताया कि जेनजी आंदोलन के दौरान उनके जेल से फरार हुए कैदियों में पप्पू कुमार यादव भी शामिल था। इनकी गिरफ्तारी हो चुकी है। बताया कि अब तक करीब 700 कैदी फरार ही है । जबकि एक हजार 92 कैदी को जेल में वापस लाया जा चुका है। इसमें कई कैदी खुद वापस लौट आए तो कई को विभिन्न जिले से गिरफ्तार कर लाया गया है। जेलर ने बताया कि झुमका जेल से फरार भारतीय कैदी को ट्रेस किया गया है। जल्द ही जिला पुलिस कार्यालय के मार्फत रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जेलर सुभाष लामिछाने के अनुसार जेल प्रशासन के द्वारा दिए गए समय सीमा समाप्त हो चुकी है अब कारागार कानून 2022 व अन्य प्रचलित कानून के अनुसार कैदी व कैदी को आश्रय देने वाले व्यक्ति पर कार्यवाही की जाएगी । बता दें कि आठ सितंबर को जेन जी आंदोलन में 19 कार्यकर्ताओं के मौत के बाद आंदोलन उग्र रूप धारण किया था। इसके बाद आंदोलनरत कार्यकर्ता सहित अन्य समूह विभिन्न सरकारी कार्यालय तोड़फोड़ और अगजनी की घटना को अंजाम दिया था। इस क्रम में कानून व्यवस्था कमजोर होने और नेपाल पुलिस द्वारा हाथ खड़े कर देने के बाद नेपाल के कारागार से कैदी फरार हो गए थे । अब धीरे-धीरे कैदियों को लाया जा रहा है।