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अररिया: राष्ट्रीय लोक अदालत में केवल जीत  ही जीत, हार नहीं : जिला जज

अररिया: राष्ट्रीय लोक अदालत में केवल जीत ही जीत, हार नहीं : जिला जज

संक्षेप:

अररिया में 13 दिसंबर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुंजन पाण्डेय ने जागरूकता रथ को रवाना किया। लोक अदालत में विवाद सुलझाने के कई फायदे हैं, जैसे कि सभी पक्षों को समान रूप से लाभ और शांति मिलती है।

Dec 08, 2025 05:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, भागलपुर
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अररिया, विधि संवाददाता। आगामी 13 दिसम्बर को प्रस्तावित राष्ट्रीय लोक अदालत की सफ़लता को लेकर व्यापक प्रचार प्रसार जारी है। हर स्तर पर तैयारियां की जा रही है। सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष गुंजन पाण्डेय ने न्यायालय परिसर से जागरूकता सह प्रचार रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर जिला जज गुंजन पाण्डेय ने कहा कि 13 दिसंबर को होने वाले राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में आमजनों को जागरूक करने के लिए जागरूकता रथ को रवाना किया गया है। ताकि आधिकाधिक सुलहनीय मामलों का निपटारा किया जा सके।

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उन्होंने कहा कि इस जागरूकता सह प्रचार रथ के माध्यम से जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में लोक अदालत का संदेश दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में विवाद सुलझाने के अनेक फायदे हैं। यहां केवल जीत ही जीत होती है । किसी भी पक्ष की हार नहीं होती। लोक अदालत के फैसले सिविल न्यायालय के फैसले के समान होता है। निर्णय अंतिम और सभी पक्षों पर बाध्यकारी होता है, इस फैसले के विरुद्ध कोई अपील नहीं होती है। मामले में यदि कोर्ट फी जमा हो तो वह वापस मिल जाता है और सबसे बड़ी बात की इसके फैसले को सभी पक्ष मानकर अपने पारिवारिक और सामाजिक शांति भी बरकरार रखते हैं। एसीजेएम सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव ने कहा कि आशा है कि इस आयोजन में लोग बढ़चढ़कर हिस्सा लेंगे और हजारों लोगों को इसका लाभ मिलेगा मौक़े पर एडीजे-01 मनोज कुमार तिवारी, स्पेशल एक्ससाइज जज -02 संतोष कुमार गुप्ता, सीजेएम अमरेन्द्र प्रसाद, एसीजेएम सह डीएलएसए सेक्रेटरी रोहित श्रीवास्तव, जेजेबी के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट स्कन्द राज, मुंसिफ उदयवीर सिंह, ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट क्रमश: विकास कुमार, प्रणव कुमार, संतोष कुमार, गजेन्द्र प्रसाद चौरसिया, आशीष आनंद, कुमारी प्रीति, मुकेश कुमार एवं मिथिलेश कुमार दास सहित लीगल एड डिफेंस काउंसिल के सभी सदस्य, कई पैनल अधिवक्ता, पीएलवी, कोर्टकर्मी, डीएलएसए स्टॉफ आदि मौजूद थे।