
लखीसराय: राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर मौलाना आजाद को दी गई श्रद्धांजलि
लखीसराय में मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस धूमधाम से मनाया गया। श्री युवक अनुमंडलीय पुस्तकालय में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। संस्कृतिकर्मी रविराज पटेल ने उनके योगदान की सराहना की और शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में कई उपस्थित जनों ने मौलाना आज़ाद के आदर्शों को फैलाने का संकल्प लिया।
लखीसराय, हिन्दुस्तान संवाददाता। भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री एवं भारत रत्न से सम्मानित मौलाना अबुल कलाम आजाद की जयंती के अवसर पर मंगलवार को राष्ट्रीय शिक्षा दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर लखीसराय शहर स्थित श्री युवक अनुमंडलीय पुस्तकालय में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम के दौरान संस्कृतिकर्मी रविराज पटेल ने कहा कि मौलाना आज़ाद न केवल स्वतंत्र भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री थे, बल्कि वे एक लेखक, कवि, पत्रकार और महान शिक्षाविद् भी थे। उन्होंने कहा कि मौलाना आजाद महात्मा गांधी के विचारों से गहराई से प्रभावित थे और खिलाफत आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भारत सरकार द्वारा उनकी जयंती को ‘राष्ट्रीय शिक्षा दिवस’ के रूप में मनाना उनके योगदान का सच्चा सम्मान है। पुस्तकालयाध्यक्ष नीतू कुमारी ने कहा कि हमें मौलाना आज़ाद के जीवन और विचारों से प्रेरणा लेकर समाज में शिक्षा का प्रसार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही उन्नति और विकास का सबसे प्रभावी माध्यम है। इस अवसर पर पुस्तकालय के पाठक राकेश कुमार, राहुल कुमार, कन्हैया कुमार, श्रीनिवास, देवराज कुमार और आशीष कुमार सहित कई उपस्थित जनों ने मौलाना आज़ाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।कार्यक्रम के अंत में मौलाना आज़ाद के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।

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